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एसडीएम ने ढहवाए निर्माणाधीन तीन पीएम आवास

Sun, 28 Jan 2018 12:36 AM IST
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:36 AM IST
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एसडीएम ने ढहवाए निर्माणाधीन तीन पीएम आवास

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मुंगराबादशाहपुर। सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की शुरुआत गरीबों का आशियाना उजाडने के साथ हुई है। मुंगराबादशाहपुर विकास खंड के रामपुर गांव के पलईका पूरा में एसडीएम मछलीशहर के नेतृत्व में गुरुवार को पहुंची टीम ने प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत बन रहे तीन आवासों को जेसीबी मशीन से ढहवा दिया। हालांकि अभियान के तहत गरीबों का आशियाना उजाडने के लोकर तहसील प्रशासन की काफी किरकिरी भी हो रही। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले बड़े भू माफियाओं को अवैध कब्जे से बेदखल करना चाहिए।
पलई का पूरा निवासी राजेन्द्र कुमार गौतम, नागेन्द्र कुमार गौतम व प्यारे लाल गौतम मजदूरी कर के परिवार की आजीविका चलाते हैं। तीनों का परिवार छप्पर में रहता है। उनकी माली दशा को देखते हुए ही तीनों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ इसी साल दिया गया है। छत स्तर तक निर्माण पूरा हो चुका था तभी 25 जनवरी को एसडीएम विमल कुमार दुबे के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जेसीबी मशीन लगवाकर निर्माण को ढहवा दिया। गरीब परिवार की महिलाएं अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रही लेकिन उनकी एक न सुनी गई। जिस घर के लिए इन गरीब परिवार के लोगों ने तमाम सपने सजा रखे थे उसे उनकी आंखों के सामने ही जमीदोज कर दिया गया।
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ग्राम प्रधान बिजय बहादुर यादव कहते हैं कि 1972 के पहले से इन परिवारों के लोग उसी भूखंड पर कच्चा मकान बनाकर रह रहे थे। बारिश में उनके कच्चे मकान ढह गए तो वे उसी स्थान पर छप्पर डालकर रह रहे थे। उनकी गरीबी हालत को देखते हुए ही योजना का लाभ दिया गया था। ग्राम प्रधान ने यह भी दावा किया है कि जिस आराजी संख्या 900 को नवीन परती बताकर तहसील प्रशासन ने गरीबों का घर उऽाड़ा है वह भूखंड पूर्व में दूध नाथ मौर्या के नाम से किसी ने पट्टा हो गया था। आराजी पर पहले से मकान बने होने के कारण दूधनाथ को कब्जा नहीं मिला तो उन्होंने शांति देबी पत्नी कड़ेदीन को बैनामा कर दिया। जिसपर पीड़ितों की तरफ से मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय मे वाद दाखिल कर जांच कराने का आवेदन किया गया था। जांच मे आबादी पाये जाने पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने शांति देबी का बैनामा निरस्त कर दिया है। बावजूद इसके उनका आवास ढहवा दिया गया।
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