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सर्वोच्च न्यायालय ने दिलीप कुमार के पेटीसन को किया खारिज
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:28 AM IST
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया में विवादित 65 विस्वा पर कब्जा करने वाले दिलीप प्रजापति को सर्वोच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने जिला प्रशासन की ओर से जमीन पर ऊषा मौर्या को दिलाए गए कब्जा को उचित ठहराया है।
शहर के मरदानपुर मोहल्ला निवासी ऊषा मौर्या की 65 विस्वा भूमि को फर्जी ढंग से दिलीप प्रजापति ने अपने नाम करा लिया और कब्जा भी कर लिया। ऊषा ने जिला प्रशासन से लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक से शिकायत की। कब्जा करने वालों पर एक कैबिनेट मंत्री का हाथ होने के कारण जमीन खाली नहीं कराई गई। सत्ता परिवर्तन होने के बाद के बाद ऊषा मौर्या ने राज्यपाल से शिकायत की। राज्यपाल के निर्देश पर प्रशासन ने 19 जुलाई 17 को भूमि खाली करा दी और ऊषा को सौंप दिया। प्रशासन ने एंटी भू माफिया के तहत कार्रवाई की थी। दिलीप हाईकोर्ट में अपील की लेकिन उसे राहत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की बेंच ने मामले की सुनवाई करने के बाद याचिका खारिज कर दी।
शहर के मरदानपुर मोहल्ला निवासी ऊषा मौर्या की 65 विस्वा भूमि को फर्जी ढंग से दिलीप प्रजापति ने अपने नाम करा लिया और कब्जा भी कर लिया। ऊषा ने जिला प्रशासन से लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक से शिकायत की। कब्जा करने वालों पर एक कैबिनेट मंत्री का हाथ होने के कारण जमीन खाली नहीं कराई गई। सत्ता परिवर्तन होने के बाद के बाद ऊषा मौर्या ने राज्यपाल से शिकायत की। राज्यपाल के निर्देश पर प्रशासन ने 19 जुलाई 17 को भूमि खाली करा दी और ऊषा को सौंप दिया। प्रशासन ने एंटी भू माफिया के तहत कार्रवाई की थी। दिलीप हाईकोर्ट में अपील की लेकिन उसे राहत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की बेंच ने मामले की सुनवाई करने के बाद याचिका खारिज कर दी।
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