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आवासीय भवन खड़हर में तब्दील
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:52 AM IST
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सतहरिया। औद्योगिक क्षेत्र में बने आवासीय भवन का सीडा ने न तो उद्यमियों को आवंटित किया और न ही उसका रखरखाव ठीक से किया जा रहा है। लिहाजा वह खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र में शुरूआती दिनों में यूपीएसआईडी ने 25 टाइप वन आवासीय भवन उद्यमियों के रहने के लिए बनवाया था लेकिन उसे आवंटित नहीं किया गया है। उसका रखरखाव भी ठीक से नहीं हो रहा है। इससे भवन में झाड़ उग गई है। करोड़ों की लागत से निर्मित भवन जर्जर हो रहा है। खिड़कियां गायब हो गई हैं। एक तरफ सीडा के पास आवासीय प्लाटों की कमी बताई जा रही है तो दूसरी तरफ लापरवाही के चलते आवासीय भवन नष्ट होने की कगार पर है। उद्यमी सीडा कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें आवासीय भवन के लिए महरूम हैं। सीडा उद्यमी कल्याण समति के अध्यक्ष शिवाजी सिंह ने बताया कि टाइप वन आवासीय भवन की मरम्मत भी सीडा ने कराया था लेकिन आंवटन नहीं किया गया। रखरखाव ठीक से नहीं होने के कारण उसकी हालत खराब हो गई। सीडा प्रबंधक स्वताभ दास रंजन ने बताया कि मरम्मत के लिए विभाग को लिखा गया है।
औद्योगिक क्षेत्र में शुरूआती दिनों में यूपीएसआईडी ने 25 टाइप वन आवासीय भवन उद्यमियों के रहने के लिए बनवाया था लेकिन उसे आवंटित नहीं किया गया है। उसका रखरखाव भी ठीक से नहीं हो रहा है। इससे भवन में झाड़ उग गई है। करोड़ों की लागत से निर्मित भवन जर्जर हो रहा है। खिड़कियां गायब हो गई हैं। एक तरफ सीडा के पास आवासीय प्लाटों की कमी बताई जा रही है तो दूसरी तरफ लापरवाही के चलते आवासीय भवन नष्ट होने की कगार पर है। उद्यमी सीडा कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें आवासीय भवन के लिए महरूम हैं। सीडा उद्यमी कल्याण समति के अध्यक्ष शिवाजी सिंह ने बताया कि टाइप वन आवासीय भवन की मरम्मत भी सीडा ने कराया था लेकिन आंवटन नहीं किया गया। रखरखाव ठीक से नहीं होने के कारण उसकी हालत खराब हो गई। सीडा प्रबंधक स्वताभ दास रंजन ने बताया कि मरम्मत के लिए विभाग को लिखा गया है।
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