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दूसरे दिन भी रहा धरना जारी
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:00 AM IST
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जौनपुर। सभी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय देने की मांग को लेकर केंद्रीय श्रम संगठन के आह्वान पर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ द्वारा बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान मांगों को पूरा करने की आवज बुलंद की। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौपा।
जिलाध्यक्ष सुनीता यादव ने कहा कि जिस तरह से सरकार द्वारा हम लोगों का मानदेय पूरा नहीं बढ़ाया गया। हम भी सरकार को नो वर्क नो वोट के तर्ज पर सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मिल रसोईयां समेत सभी योजना कर्मियों को वर्कर घोषित करने, सभी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय देने, सभी को न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपए देने, ग्रेच्यूटी, प्रोविडेंट फंड, स्वास्थ्य लाभ देने, एक फरवरी 2018 को आने वाले बजट में पर्याप्त पैसे का आवंटन करने व योजनाओं का निजीकरण तत्काल बंद करने की मांग की गई है।अगर हमारी मांगे शीघ्र पूरा नहीं हुई तो हम लोग आंदोलन तेज करेंगे। वहीं वकील संघ के पदाधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने जो कर्मचारियों के लिएमानदेय कटौती कर दमनकारी नीति अपनायी है। इसका परिणाम सामने दिखेगा। संघ अपने हक की लड़ाई हर हाल में लड़ेगा। धरने में नीरज श्रीवास्तव, किरणशंकर रघुवंशी, शशी यादव, सीमा सिंह, डा.सुरेशचंद्र प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष सुनीता यादव ने कहा कि जिस तरह से सरकार द्वारा हम लोगों का मानदेय पूरा नहीं बढ़ाया गया। हम भी सरकार को नो वर्क नो वोट के तर्ज पर सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मिल रसोईयां समेत सभी योजना कर्मियों को वर्कर घोषित करने, सभी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय देने, सभी को न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपए देने, ग्रेच्यूटी, प्रोविडेंट फंड, स्वास्थ्य लाभ देने, एक फरवरी 2018 को आने वाले बजट में पर्याप्त पैसे का आवंटन करने व योजनाओं का निजीकरण तत्काल बंद करने की मांग की गई है।अगर हमारी मांगे शीघ्र पूरा नहीं हुई तो हम लोग आंदोलन तेज करेंगे। वहीं वकील संघ के पदाधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने जो कर्मचारियों के लिएमानदेय कटौती कर दमनकारी नीति अपनायी है। इसका परिणाम सामने दिखेगा। संघ अपने हक की लड़ाई हर हाल में लड़ेगा। धरने में नीरज श्रीवास्तव, किरणशंकर रघुवंशी, शशी यादव, सीमा सिंह, डा.सुरेशचंद्र प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
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