{"_id":"5a47d4f04f1c1b95188bcc88","slug":"1514657171850-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर ओवर फ्लो होने से 50 बीघा फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर ओवर फ्लो होने से 50 बीघा फसल डूबी
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
माइनर में पानी ओवरफ्लो होने से डूबी फसल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर के अमोध व चटौरी गांव में शुक्रवार की रात माइनर का पानी ओवरफ्लो होने से लगभग पचास बीघा फसल डूब गई जिससे नुकसान की आशंका जताई गई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि माइनर में सिल्ट की सफाई नहीं किए जाने को लेकर इस तरह की समस्या पैदा हो रही है।
आदेपुर, चटौरी से सरायफत्तू होकर माइनर अमोध टेल तक गई है। इसमें शुक्रवार रात अचानक पानी ओवर फ्लो होने से किसानों का लगभग पचास बीघा फसल डूब गई। अमोध गांव के किसान शनिवार को जब अपने खेतों में गए तो फसल डूबी देखकर हैरान हो गए। जानकारी होने पर अफरातफरी मच गई। अमोध में सुशीला देवी यादव, कामता प्रसाद यादव, हरिशंकर पटेल, बृजमोहन पटेल, सरजू प्रसाद पटेल, हरिप्रताप सिंह, भानुप्रताप सिंह, रामकुमार यादव सहित दो दर्जन किसानों की फसल पानी में डूब गई। चौटरी गांव में सभाजीत, हरिशंकर, नंदकिशोर, बेनीमाधव सहित दर्जन भर किसान फसल को लेकर चिंतित हैं। गांव के लोगों ने खेतों में पहुंच कर पानी रोकने का काम किया। किसानों का कहना है कि एक तो हम किसानों को प्राकृतिक आपदा से जूझना पड़ रहा है। फसल डूबने से फसल खराब होगी और उन्हें दाने-दाने को मोहताज होना पड़ेगा। किसानों का आरोप है कि नहर विभाग द्वारा माइनरों के रखरखाव में कोताही बरतने तथा समय-समय पर उसकी साफ-सफाई न कराने से किसानों को फसल बर्बाद होने की जलालत झेलनी पड़ रही है। अगर प्रशासन ने शीघ्र उपाय नही किया तो किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। ग्राम प्रधान राजमणि पटेल राजू ने इसकी सूचना नहर विभाग के जेई समरजीत यादव को दे दी है।
विज्ञापन
आदेपुर, चटौरी से सरायफत्तू होकर माइनर अमोध टेल तक गई है। इसमें शुक्रवार रात अचानक पानी ओवर फ्लो होने से किसानों का लगभग पचास बीघा फसल डूब गई। अमोध गांव के किसान शनिवार को जब अपने खेतों में गए तो फसल डूबी देखकर हैरान हो गए। जानकारी होने पर अफरातफरी मच गई। अमोध में सुशीला देवी यादव, कामता प्रसाद यादव, हरिशंकर पटेल, बृजमोहन पटेल, सरजू प्रसाद पटेल, हरिप्रताप सिंह, भानुप्रताप सिंह, रामकुमार यादव सहित दो दर्जन किसानों की फसल पानी में डूब गई। चौटरी गांव में सभाजीत, हरिशंकर, नंदकिशोर, बेनीमाधव सहित दर्जन भर किसान फसल को लेकर चिंतित हैं। गांव के लोगों ने खेतों में पहुंच कर पानी रोकने का काम किया। किसानों का कहना है कि एक तो हम किसानों को प्राकृतिक आपदा से जूझना पड़ रहा है। फसल डूबने से फसल खराब होगी और उन्हें दाने-दाने को मोहताज होना पड़ेगा। किसानों का आरोप है कि नहर विभाग द्वारा माइनरों के रखरखाव में कोताही बरतने तथा समय-समय पर उसकी साफ-सफाई न कराने से किसानों को फसल बर्बाद होने की जलालत झेलनी पड़ रही है। अगर प्रशासन ने शीघ्र उपाय नही किया तो किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। ग्राम प्रधान राजमणि पटेल राजू ने इसकी सूचना नहर विभाग के जेई समरजीत यादव को दे दी है।
विज्ञापन