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डा. मनोज ने सर्पदंश मृत्युदर में अंधविश्वास पर प्रस्तुत किया शोध पत्र
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:45 AM IST
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नई दिल्ली में सम्मेलन में शोधपत्र पढ़ते डा.मनोज
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जनसंचार विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. मनोज मिश्र ने 21 और 22 दिसंबर को भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली में आयोजित 17 वें भारतीय विज्ञान संचार सम्मेलन में सर्पदंश मृत्युदर में अंधविश्वास की भूमिका पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया डा. मिश्र का कहना है कि सर्पदंश से अधिकतर मौत झाड़फूंक के अंधविश्वास के चक्कर में पड़ने के कारण होती है। सम्मेलन में देश के विभिन्न अंचलों से लगभग 300 से अधिक संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षाविद, पत्रकारगण, शोधार्थी, विज्ञान संचारक शामिल हुए।
डा. मनोज मिश्र ने अपने शोध पत्र में बताया कि सर्पदंश ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख समस्याओं एवं दुर्घटना में शामिल है। वैज्ञानिक विधि से इलाज की अवधारणा पर्याप्त विकसित नहीं है, ऐसे में हताहतों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना , अंधविश्वास, झोलाछाप चिकित्सक, ओझाई, झाड़-फूंक एवं जड़ी बूटी पिलाना आदि अवैज्ञानिक कारणों से सर्पदंश मृत्युदर में बढ़ोत्तरी हो रही है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रापिकल मेडिसिन एवं विश्व स्वास्थ संगठन के रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि केवल भारत में अवैज्ञानिकता के चलते प्रतिवर्ष हजारों लोगों की मृत्यु सर्पदंश से होती है। उन्होंने अपने शोध पत्र में भारत में पाए जाने वाले विषैले सांपो की श्रेणियों का सचित्र वर्णन किया।
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डा. मनोज मिश्र ने अपने शोध पत्र में बताया कि सर्पदंश ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख समस्याओं एवं दुर्घटना में शामिल है। वैज्ञानिक विधि से इलाज की अवधारणा पर्याप्त विकसित नहीं है, ऐसे में हताहतों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना , अंधविश्वास, झोलाछाप चिकित्सक, ओझाई, झाड़-फूंक एवं जड़ी बूटी पिलाना आदि अवैज्ञानिक कारणों से सर्पदंश मृत्युदर में बढ़ोत्तरी हो रही है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रापिकल मेडिसिन एवं विश्व स्वास्थ संगठन के रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि केवल भारत में अवैज्ञानिकता के चलते प्रतिवर्ष हजारों लोगों की मृत्यु सर्पदंश से होती है। उन्होंने अपने शोध पत्र में भारत में पाए जाने वाले विषैले सांपो की श्रेणियों का सचित्र वर्णन किया।
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