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उद्यमिता विकास के लिए पीयू को मिले 43 लाख रुपये
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:10 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में उद्यमिता विकास और रोजगार सृजन के लिए विश्व बैंक ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 43 लाख 25 हजार दो सौ रुपये की पहली किस्त दी है। अगस्त में विश्वविद्यालय परिसर की जांच करने पहुंची बिश्व बैंक और नावार्ड की टीम को 15 करोड़ का प्रस्ताव सौंपा गया था। पहले किस्त में मिली धनराशि से प्रयोगशाला आधुनिक संसाधनों से लैस की जाएगी। साथ ही फर्नीचर, मशीन के अलावा छात्रों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की पहल की जाएगी।
उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के डायरेक्टर प्रो. बीबी तिवारी ने बताया कि अगस्त में विश्व बैंक की टीम ने नावार्ड की टीम के साथ परिसर का निरीक्षण किया था। विश्व बैंक से 15 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इसमें से नौ करोड़ रुपये से प्रयोगशाला के उच्चीकरण, साफ्टवेयर, फर्नीचर आदि की व्यवस्था करनी है। 4.70 लाख रुपये में से छात्रों को प्रशिक्षण, अकादमिक कार्य, फैक्लटी वर्क, छात्रों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी। शैष 1.3 करोड़ रुपये कार्यालय के काम में खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अक्तूबर के लिए 43 लाख 25 हजार दो सौ रुपये मिल गए हैं। इसी माह से प्रस्ताव के हिसाब से काम शुरू कर दिया गया। प्रस्ताव के हिसाब से काम का खाका अपलोड कर दिया गया है। उसी प्लान के तहत काम कराया जाएगा। पूरा काम कैश लेस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन होना है। जो एजेंसी काम करेगी उसका भुगतान भी आनलाइन किया जाना है। छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए परिसर में उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ ही रोजगार के अवसर को बढ़ावा दिया जाएगा।
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उमानाथ सिंह इंजीनियरिंग संस्थान के डायरेक्टर प्रो. बीबी तिवारी ने बताया कि अगस्त में विश्व बैंक की टीम ने नावार्ड की टीम के साथ परिसर का निरीक्षण किया था। विश्व बैंक से 15 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इसमें से नौ करोड़ रुपये से प्रयोगशाला के उच्चीकरण, साफ्टवेयर, फर्नीचर आदि की व्यवस्था करनी है। 4.70 लाख रुपये में से छात्रों को प्रशिक्षण, अकादमिक कार्य, फैक्लटी वर्क, छात्रों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी। शैष 1.3 करोड़ रुपये कार्यालय के काम में खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अक्तूबर के लिए 43 लाख 25 हजार दो सौ रुपये मिल गए हैं। इसी माह से प्रस्ताव के हिसाब से काम शुरू कर दिया गया। प्रस्ताव के हिसाब से काम का खाका अपलोड कर दिया गया है। उसी प्लान के तहत काम कराया जाएगा। पूरा काम कैश लेस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन होना है। जो एजेंसी काम करेगी उसका भुगतान भी आनलाइन किया जाना है। छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए परिसर में उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ ही रोजगार के अवसर को बढ़ावा दिया जाएगा।
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