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शहर में निकला लुटे हुए काफिले का जुलूस
Updated Tue, 03 Oct 2017 12:47 AM IST
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जौनपुर। शहादते इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में इमामबाड़ा अकबर मरहूम पानदरीबा रोड से सोमवार को लुटे हुए काफिले का जुलूस निकाला गया।
जुलूस से पहले मस्जिद शेख हशमत अली में सोजखानी सैय्यद मो. मुस्लिम के साथियों ने किया। मौलाना डा. कमर अब्बास ने मजलिस को खेताब फरमाया। मजलिस के बाद इममबाड़ा अकबर मरहूम से जुलूस बरामद हुआ। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ इमामबाड़ा शेख इस्लाम मरहूम की चौक तक पहुंचा। यहां मजलिस के बाद जुलूस इमामबाड़ा मीर बहादुर अली मरहूम दालान, मस्जिद शेख बासित अली पहुंचा जहां अमारियां बरामद हुई। मौलाना बाकर मेहदी ने अमारियों का परिचय कराया। शहर की अंजुमनों ने नौहा मातम किया। यहां तकरीर में कैसर नवाब ने कहा ऐ यजीद तेरे खजाने में इतनी दौलत नहीं जितना एक शह का अजादार लुटा देता है। डा. शेख शब्बीर हसन मरहूम के मकान से तुर्बत बरामद हुई जिसे जुलजनाह से मिलाया गया। जुलूस इमामबाड़ा अकबर मरहूम में सम्पन्न हुआ। शेख वशी हैदर, शेख रजी हैदर, शेख शबी हैदर, रेहान हैदर, इंतेजार हैदर, शमीर हैदर ने लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उधर मस्जिद अबू तालिब पे मजलिस हुई। मौलाना मो. हसन ने मजलिस को खेताब फरमाया। यहां से लुटे हुए काफिले का जुलूस निकल कर अपने कदीमी रास्तों से होकर सैय्यद अनवार हुसैन मरहूम के मकान पर पहुंचा। जहां पेशखानी के फरायज को अंजाम दिया। हाजी कैसर नवाब ने तकरीर किया। इमाम बारगाह छीतन मरहूम पर जुलूस खत्म हुआ।
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जुलूस से पहले मस्जिद शेख हशमत अली में सोजखानी सैय्यद मो. मुस्लिम के साथियों ने किया। मौलाना डा. कमर अब्बास ने मजलिस को खेताब फरमाया। मजलिस के बाद इममबाड़ा अकबर मरहूम से जुलूस बरामद हुआ। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ इमामबाड़ा शेख इस्लाम मरहूम की चौक तक पहुंचा। यहां मजलिस के बाद जुलूस इमामबाड़ा मीर बहादुर अली मरहूम दालान, मस्जिद शेख बासित अली पहुंचा जहां अमारियां बरामद हुई। मौलाना बाकर मेहदी ने अमारियों का परिचय कराया। शहर की अंजुमनों ने नौहा मातम किया। यहां तकरीर में कैसर नवाब ने कहा ऐ यजीद तेरे खजाने में इतनी दौलत नहीं जितना एक शह का अजादार लुटा देता है। डा. शेख शब्बीर हसन मरहूम के मकान से तुर्बत बरामद हुई जिसे जुलजनाह से मिलाया गया। जुलूस इमामबाड़ा अकबर मरहूम में सम्पन्न हुआ। शेख वशी हैदर, शेख रजी हैदर, शेख शबी हैदर, रेहान हैदर, इंतेजार हैदर, शमीर हैदर ने लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उधर मस्जिद अबू तालिब पे मजलिस हुई। मौलाना मो. हसन ने मजलिस को खेताब फरमाया। यहां से लुटे हुए काफिले का जुलूस निकल कर अपने कदीमी रास्तों से होकर सैय्यद अनवार हुसैन मरहूम के मकान पर पहुंचा। जहां पेशखानी के फरायज को अंजाम दिया। हाजी कैसर नवाब ने तकरीर किया। इमाम बारगाह छीतन मरहूम पर जुलूस खत्म हुआ।