{"_id":"59b196ba4f1c1bea7f8b4c6a","slug":"150481069910-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में उम्र कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में उम्र कैद
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। अपेक्षित दहेज नहीं मिलने पर देवरानी की गला दबाकर हत्या करने और उसके शव को सरसों के खेत में जलाने के प्रयास के मामले में जेठ जेठानी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार दिया है। गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम बलराज सिंह की अदालत ने जेठ और जेठानी को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार सुजानगंज थाना क्षेत्र के थलोई ग्राम निवासी अमरपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बहन मंजू की शादी एकहुआ निवासी सुरेश कुमार के साथ सात वर्ष पूर्व हुई थी। बहन विदा होकर ससुराल गई तो जेठ संजय व जेठानी शारदा दहेज में बाइक व सोने की चैन की मांग की। न मिलने पर बहन को प्रताड़ित कर मारापीटा जाने लगा। सात सितंबर 2016 की दो बजे रात्रि मेरे मामा के पास फोन आया कि आप की भांजी झुलस गई है। सूचना पाकर हम लोग मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली तो लोगों ने बताया कि जेठ संजय और जेठानी शारदा ने गला दबाकर हत्या कर शव घर के बगल सरसों के खेत में जला दिया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता एसएमयू के हसन सिद्दीकी व विनय प्रकाश वर्मा ने कुल 11 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। सभी गवाह पक्ष द्रोही हो गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने तथा पोस्टमार्टम व परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये की सजा सुनाई हैं।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार सुजानगंज थाना क्षेत्र के थलोई ग्राम निवासी अमरपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बहन मंजू की शादी एकहुआ निवासी सुरेश कुमार के साथ सात वर्ष पूर्व हुई थी। बहन विदा होकर ससुराल गई तो जेठ संजय व जेठानी शारदा दहेज में बाइक व सोने की चैन की मांग की। न मिलने पर बहन को प्रताड़ित कर मारापीटा जाने लगा। सात सितंबर 2016 की दो बजे रात्रि मेरे मामा के पास फोन आया कि आप की भांजी झुलस गई है। सूचना पाकर हम लोग मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली तो लोगों ने बताया कि जेठ संजय और जेठानी शारदा ने गला दबाकर हत्या कर शव घर के बगल सरसों के खेत में जला दिया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता एसएमयू के हसन सिद्दीकी व विनय प्रकाश वर्मा ने कुल 11 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। सभी गवाह पक्ष द्रोही हो गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने तथा पोस्टमार्टम व परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये की सजा सुनाई हैं।
विज्ञापन