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Jaunpur News: रोज अस्पताल पहुंच रहे 150 त्वचा रोग और डायरिया के मरीज
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जौनपुर। बारिश और उमस भरी गर्मी के कारण अस्पताल में त्वचा रोग और डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में जहां रोज 150 मरीज त्वचा रोग वहीं 100 पेट दर्द, डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप का कहना है कि बारिश में त्वचा पर नमी और आर्द्रता बढ़ जाती है। इससे फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा रहता है। यह संक्रमण खुजली, दानों और अन्य त्वचा संक्रमण में बदल जाता है। बरसात में गीले कपड़े पहनने से भी चर्म रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस समय अस्पताल में हर दिन 150 से अधिक त्वचा रोग के मरीज आ रहे हैं। इनमें बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण का असर देखा जा रहा है। खासकर दाद, और फोड़ा फुंसी के मरीज अधिक आ रहे हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव का कहना है कि बारिश में फ्लाइज और मक्खियों की संख्या बढ़ जाती है। जो खाद्य पदार्थों को दूषित करती हैं इससे बैक्टीरिया का प्रसार बढ़ जाता है। बारिश में खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अस्पताल में हर दिन 100 से अधिक ऐसे मरीज और रहे जिनको पेट दर्द की परेशानी है या फिर डायरिया की चपेट में हैं।
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ऐसे करें बचाव
डायरिया से बचने के लिए बासी भोजन न करें, पानी को उबाल कर पीएं, अच्छी तरह पका हुआ ताजा खाना खाए, चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट आदि के सेवन से बचें। खाना खाने से पहले हाथ जरूर थोएं, साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, दूषित पानी से बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। दूषित व संक्रमित पानी पीने से दस्त जैसी बीमारी हो जाती है। इससे पेट दर्द और बुखार के साथ आंतों में सूजन आ जाती है।
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जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप का कहना है कि बारिश में त्वचा पर नमी और आर्द्रता बढ़ जाती है। इससे फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा रहता है। यह संक्रमण खुजली, दानों और अन्य त्वचा संक्रमण में बदल जाता है। बरसात में गीले कपड़े पहनने से भी चर्म रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस समय अस्पताल में हर दिन 150 से अधिक त्वचा रोग के मरीज आ रहे हैं। इनमें बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण का असर देखा जा रहा है। खासकर दाद, और फोड़ा फुंसी के मरीज अधिक आ रहे हैं।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव का कहना है कि बारिश में फ्लाइज और मक्खियों की संख्या बढ़ जाती है। जो खाद्य पदार्थों को दूषित करती हैं इससे बैक्टीरिया का प्रसार बढ़ जाता है। बारिश में खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अस्पताल में हर दिन 100 से अधिक ऐसे मरीज और रहे जिनको पेट दर्द की परेशानी है या फिर डायरिया की चपेट में हैं।
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ऐसे करें बचाव
डायरिया से बचने के लिए बासी भोजन न करें, पानी को उबाल कर पीएं, अच्छी तरह पका हुआ ताजा खाना खाए, चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट आदि के सेवन से बचें। खाना खाने से पहले हाथ जरूर थोएं, साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, दूषित पानी से बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। दूषित व संक्रमित पानी पीने से दस्त जैसी बीमारी हो जाती है। इससे पेट दर्द और बुखार के साथ आंतों में सूजन आ जाती है।