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मौत की पटरी पर दौड़ रही हैं ट्रेने 18-47-51
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:03 AM IST
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घनश्यामपुर/जौनपुर। जिले में भारी बारिश के चलते वाराणसी सुल्तानपुर रेल प्रखंड पर सरायहरखू से लंभुआ के बीच अंडर ब्रिज पर कई स्थानों पर नव निर्मित रेल पटरी धंस गई है। इससे कभी भी हादसे की आशंका बढ़ गई है। इस मार्ग से 31 ट्रेनें गुजरती हैं, जिन्हें फिलहाल कासन पर चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की माने तो जौनपुर के रेलवे स्टेशन सरायहरखू तथा सुल्तानपुर के रेलवे स्टेशन लम्भुआ के बीच 20 सी, 22 सी, 37 सी, 38 सी तथा 40 सी पर रेलवे गेट समाप्त कर रेल विभाग ने अन्डर ग्राउन्ड रास्ता बनाया है। पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश के दौरान अन्डर ग्राउन्ड रास्ते पर जल भराव के कारण यातायात जहां प्रभावित है। वहीं इन जगहों पर रेल पटरी जगह-जगह बैठ रही है। जिसकी वजह से रेल दोहरीकरण लाइन कमजोर हो गई है। गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन श्रीकृष्णनगर से लम्भुआ के बीच गत 18 मई को रेल दोहरीकरण लाइन पर ट्रेन संचालन के लिए विभाग के सीआरएस एसके पाठक ने हरी झंडी दिखाई थी। इस समय इस दोहरीकरण लाइन पर प्रति दिन पैसेंजर तथा एक्सप्रेस अप डाउन ट्रेन मिलाकर 31 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। समय रहते रेल महकमा ने ऐसे गंभीर प्रकरण पर ध्यान नही दिया तो किसी भी समय बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता है। 31 ट्रेनों में सवार लाखों यात्रियों का जीवन राम भरोसे चल रहा है।
रेल दोहरीकरण लाइन पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेन का संचालन कासन से कराया जा रहा है। जहां-जहां पटरी बैठ रही है। वहां वाचमैन की तैनाती के साथ ही 20 गैंगमैन से पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
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मनोज कुमार केशरीवरिष्ठ सेक्सन इंजीनियर, कृष्णनगर
स्थानीय लोगों की माने तो जौनपुर के रेलवे स्टेशन सरायहरखू तथा सुल्तानपुर के रेलवे स्टेशन लम्भुआ के बीच 20 सी, 22 सी, 37 सी, 38 सी तथा 40 सी पर रेलवे गेट समाप्त कर रेल विभाग ने अन्डर ग्राउन्ड रास्ता बनाया है। पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश के दौरान अन्डर ग्राउन्ड रास्ते पर जल भराव के कारण यातायात जहां प्रभावित है। वहीं इन जगहों पर रेल पटरी जगह-जगह बैठ रही है। जिसकी वजह से रेल दोहरीकरण लाइन कमजोर हो गई है। गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन श्रीकृष्णनगर से लम्भुआ के बीच गत 18 मई को रेल दोहरीकरण लाइन पर ट्रेन संचालन के लिए विभाग के सीआरएस एसके पाठक ने हरी झंडी दिखाई थी। इस समय इस दोहरीकरण लाइन पर प्रति दिन पैसेंजर तथा एक्सप्रेस अप डाउन ट्रेन मिलाकर 31 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। समय रहते रेल महकमा ने ऐसे गंभीर प्रकरण पर ध्यान नही दिया तो किसी भी समय बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता है। 31 ट्रेनों में सवार लाखों यात्रियों का जीवन राम भरोसे चल रहा है।
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रेल दोहरीकरण लाइन पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेन का संचालन कासन से कराया जा रहा है। जहां-जहां पटरी बैठ रही है। वहां वाचमैन की तैनाती के साथ ही 20 गैंगमैन से पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
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