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बोले व्यापारी, किसान और महिलाएं

Sat, 02 Feb 2019 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:32 AM IST
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बोले व्यापारी, किसान और महिलाएं

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जौनपुर। बजट की सराहना की जा रही है। महिलाएं अवकाश को लेकर खुश हैं तो अन्य लोग आयकर में छूट को लेकर इस बजट की तारीफ कर रहे हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री डा. मानस पांडेय का कहना है कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 का बजट पिछले चार सालों से लगातार चलाए जा रहे विकास के कार्यक्रमों एवं आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण के परिणामस्वरूप इस वर्ष का बजट व्यक्तिगत कृषि, कारपोरेट को मुख्य विकास की धारा में जोड़ने एवं उसके पात्र लाभ को समान रूप से वितरित करने वाला है। समग्र रूप से देखा जाए तो जहां व्यक्तिगत आय वालों के आयकर में लाभ मिलेगा। वहीं कृषि क्षेत्र में लगे हुए लोगों को कृषि सम्मान निधि मेगा पेंशन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से काफी सुविधा मिलेगी। कारोबारी अमित गुप्ता का कहना है कि चुनावी साल को देखते हुए जो उम्मीदें थी वही हुआ। अंतरिम बजट में वरिष्ठ नागरिकों और छोटे व्यापारियों को बड़ा तोहफा दिया है। टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। टैक्स छूट का लाभ तीन करोड़ करदाताओं को मिलेगा। इससे व्यापारियों में उत्साह है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता सिद्घार्थ का कहना है कि लोकसभा चुनाव जीत की लालसा को दरकिनार करते हुए देश को भारी बोझ तले दबने से बचाते हुए मध्यम वर्ग, किसान, गृहणी, व्यापारी मजदूर, कर्मचारी के हितों पर ध्यान रखा गया है। युवा समाजसेवी लाल उपाध्याय का कहना है कि बजट ऐतिहासिक है। इसमें सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। व्यापारियों को जीएसटी में भी राहत देने का प्रयास किया गया है। बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा धन पर टीडीएस की सीमा बढ़ा दी गई है। शिक्षिका नीतू गुप्ता का कहना है कि प्रसूता मां को 26 सप्ताह का अवकाश देने के लिए मैं एक महिला होने के नाते मोदी सरकार ने सराहनीय कार्य किया है। गृहणी विदिशा जायसवाल का कहना है कि बजट में महिलाओं का खास ख्याल नहीं किया गया है। महंगाई से निजात के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। गृहणी पूनम पांडेय कहना है कि बजट में कमर तोड़ महंगाई बेरोजगारी को दूर करने का कोई जिक्र नहीं है। गंगा सफाई, नोटबंदी के फायदे का भी जिक्र होना चाहिए। गृहणी दिव्या सिंह का कहना है कि बजट के बाद दो महीने में कुछ फायदा लोगों को होगा, ऐसी उम्मीद है। व्यापारी अखिलेश जायसवाल का कहना है कि श्रमिकों बोनस बढ़ाना, सौभाग्य योजना के तहत हर परिवार को बिजली कनेक्शन देना सराहनीय है। वरिष्ठ टैक्स सलाहकार टीएन पांडेय का कहना है कि इनकम टैक्स में छूट की सीमा पांच लाख करने के लिए वित्त मंत्री बधाई के पात्र हैं। पेंशनभोगी लोगों के पेंशन की न्यूनतम सीमा बहुत कम है। इसे बढ़ाए जाने की आस थी लेकिन निराशा मिली है। ब्रह्मदेव श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षकों का बजट में ख्याल रखा गया है। डा. शैली निगम का कहना है कि आयुष्मान भारत में 50 करोड़ को इलाज, जन औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाईयां, महिला को मातृत्व अवकाश की बात सराहनीय है। शिक्षिका मेनका सिंह का कहना है कि महिलाओं को मातृत्व अवकाश 26 हफ्ते और 70 फीसदी मुद्रा कर्ज देने की बात सराहनीय है। कारोबारी अरूण सिंह का कहना है कि बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। इसे लोकप्रिय बजट कहा जा सकता है। किसानों को पेंशन देने और आयकर में छूट की बात सराहनीय है। पेंशन, दुर्घटना बीमा, नौकरी पेशा के लिए ग्रजुएटी की बढ़ोत्तरी ऐतिहासिक कदम है।
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