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448 ईंट भट्ठा संचालकों पर 12 करोड़ बकाया
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जनपद में स्थित 448 ईंट भट्ठा संचालकों 12 करोड़ रुपये रायल्टी बकाया है। बकाया जमा नहीं करने वालों के खिलाफ खनन विभाग ने प्रशासन के साथ मिलकर अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन बुधवार को सदर तहसील क्षेत्र के पांच ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान भट्ठों पर बुलडोजर चलाकर वहां बनाकर रखे गए कच्ची ईंट नष्ट कर दिए गए। साथ ही चिमनियों में पानी डलवाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान तीन से चार लाख कच्ची ईंट नष्ट की गई। जिला खनन अधिकारी विनीत सिंह के मुताबिक 448 ईंट भट्ठा संचालकों ने तीन साल में कुल 12 करोड़ रायल्टी नहीं जमा की है। रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जनपद में 592 ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। इसमें से 144 ने रायल्टी जमा की है, जबकि 448 ईंट भट्ठा संचालक राज्य बोर्ड से सहमति प्राप्त किए बिना ही भट्ठों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में तीन साल के दौरान 448 ईंट भट्ठा संचालकों पर 12 करोड़ रुपये रायल्टी बकाया हो गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने जिलाधिकारी को रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। डीएम ने रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम में खनन निरीक्षक भी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने एक अप्रैल से अभियान चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। हालांकि एमएलसी चुनाव के कारण अभियान शुरू नहीं किया जा सका था। अब जबकि चुनाव खत्म हो गया है तो बुधवार से अभियान शुरू कर दिया गया।
इस बीच बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, जिला खनन अधिकारी विनीत सिंह, नायब तहसीलदार विक्रम सिंह आदि के साथ अभियान चलाया। इस दौरान कचगांव, कादीपुर, राजेपुर, गोपीपुर में पांच ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की गई। भट्ठों पर बनाकर रखी गई कच्ची ईंटों को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। साथ ही चिमनियों में पानी डलवा दिया गया। इस दौरान रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठों संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि ईंट भट्टों से रायल्टी वसूली के अभियान चलाया गया। तहसील सदर में सरकारी भूमि पर ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा किए गए अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। ये कार्रवाई पांच ईंट भट्टों पर की गई। इन स्थानों पर चिमनियों को भी ध्वस्त कर दिया गया। उधर, जिला खनन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 592 ईंट भट्ठा संचालित हैं। इनमें से 144 ने ही रायल्टी जमा की है, जबकि 448 भट्ठा संचालकों पर तीन साल का कुल 12 करोड़ रुपये रायल्टी बकाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ अभियान अब रोजाना चलाया जाएगा।
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जनपद में 592 ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। इसमें से 144 ने रायल्टी जमा की है, जबकि 448 ईंट भट्ठा संचालक राज्य बोर्ड से सहमति प्राप्त किए बिना ही भट्ठों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में तीन साल के दौरान 448 ईंट भट्ठा संचालकों पर 12 करोड़ रुपये रायल्टी बकाया हो गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने जिलाधिकारी को रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। डीएम ने रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम में खनन निरीक्षक भी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने एक अप्रैल से अभियान चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। हालांकि एमएलसी चुनाव के कारण अभियान शुरू नहीं किया जा सका था। अब जबकि चुनाव खत्म हो गया है तो बुधवार से अभियान शुरू कर दिया गया।
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इस बीच बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, जिला खनन अधिकारी विनीत सिंह, नायब तहसीलदार विक्रम सिंह आदि के साथ अभियान चलाया। इस दौरान कचगांव, कादीपुर, राजेपुर, गोपीपुर में पांच ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की गई। भट्ठों पर बनाकर रखी गई कच्ची ईंटों को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। साथ ही चिमनियों में पानी डलवा दिया गया। इस दौरान रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठों संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि ईंट भट्टों से रायल्टी वसूली के अभियान चलाया गया। तहसील सदर में सरकारी भूमि पर ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा किए गए अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। ये कार्रवाई पांच ईंट भट्टों पर की गई। इन स्थानों पर चिमनियों को भी ध्वस्त कर दिया गया। उधर, जिला खनन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 592 ईंट भट्ठा संचालित हैं। इनमें से 144 ने ही रायल्टी जमा की है, जबकि 448 भट्ठा संचालकों पर तीन साल का कुल 12 करोड़ रुपये रायल्टी बकाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर रायल्टी जमा नहीं करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ अभियान अब रोजाना चलाया जाएगा।
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