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जर्मनी से आए सैलानियों ने ऐतिहासिक इमारतों का किया दीदार
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जौनपुर। विदेशी सैलानियों का एक दल रविवार को देश की धरोहर और जौनपुर शहर की पहचान शाही किला समेत अन्य ऐतिहासिक इमारतों को देखने के लिए पहुंचा। सैलानियों का यह दल वाराणसी से होकर जौनपुर पहुंचा था। गोमती तट पर स्थित शाही किला पर्यटकों के लिए आर्कषण का केंद्र है। पर्यटकों के दल में कुल पांच सदस्य थे। जिसमें ब्रिट, काल्समर, राहिल, राडली, हैंस शामिल थे। इन विदेशी सैलिनियों ने शहर की सड़कों से लेकर ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद की। उनके साथ मौजूद गाइड ने जिले के पर्यटन स्थलों के इतिहास के बारे में उन्हें जानकारी दी। अटाला मस्जिद, शाही किला और शाही पुल, बड़ी मस्जिद आदि ऐतिहासिक इमारतों की सैलानियों ने कौतूहल भरी नजरों से देर तक निहारा और उनकी तस्वीरों को अपने अपने कैमरों में कैद दिया।
सैलानियों ने शाही किले के पास ठेले पर बाटी और चोखा भी खाया और टैंपो की सवारी भी की। जौनपुर शहर में गोमती तट पर स्थित इस दुर्ग का र्निमाण फिरोज शाह ने 1362 में कराया था। इस दुर्ग के भीतरी फाटक 26.5 फीट उंचा और 16फीट चौड़ा है। केंद्रीय फाटक 36 फीट उंचा है। इसके उपर एक विशाल गुंबद बना है।
सैलानियों ने शाही किले के पास ठेले पर बाटी और चोखा भी खाया और टैंपो की सवारी भी की। जौनपुर शहर में गोमती तट पर स्थित इस दुर्ग का र्निमाण फिरोज शाह ने 1362 में कराया था। इस दुर्ग के भीतरी फाटक 26.5 फीट उंचा और 16फीट चौड़ा है। केंद्रीय फाटक 36 फीट उंचा है। इसके उपर एक विशाल गुंबद बना है।
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