फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   बट को चुनावी बजट मान रहे विपक्षी विधायक

बट को चुनावी बजट मान रहे विपक्षी विधायक

Sat, 02 Feb 2019 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:30 AM IST
विज्ञापन
बट को चुनावी बजट मान रहे विपक्षी विधायक

विज्ञापन
जौनपुर। बजट को लेकर लोगों को जो उम्मीदें थी। उन उम्मीदों पर खरा उतरने का केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में भले ही प्रयास किया है लेकिन विपक्ष के लोग इसे चुनावी बजट बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इतनी ही मेहरबान थी तो उसे पूर्व में इसे लागू करना चाहिए। अंतरिम बजट में इसे लागू करना लॉलीपाप जैसा है। वहीं सत्ताधारी दल के विधायकों ने इसे ऐतिहासिक बजट बताया है। उनका कहना है कि किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा, स्वास्थ्य, महिला और शिक्षा सभी का ध्यान इस बजट में रखा गया है। ऐतिहासिक बजट लाने का साहस सिर्फ मोदी ही दिखा सकते हैं।
बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्र का कहना है कि प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो हेक्टेयर जोत वाले किसानों के खाते में सीधे छ: हजार वार्षिक आय समर्थन दिया है। 12 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पांच लाख तक टैक्स फ्री सरकार ने करके ऐतिहासिक काम किया है। पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को फायदा होगा। श्रमिकों के लिए भी सरकार ने अच्छी पहल की है। ऐसा बजट सिर्फ मोदी में ही लाने की क्षमता है।
विज्ञापन

मुंगराबादशाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल का कहना है कि बजट हवा हवाई और निराशाजनक है। किसानों को छ: हजार वार्षिक दिए जाने की बात स्वागत योग्य है लेकिन इसे पहले ही किया जाना चाहिए था। अंतरिम बजट में ऐसी घोषणा का कोई मतलब नहीं है। पीएम मोदी ने 2020 तक किसानों की आय दोगुना करने की बात कही थी जो खोखला साबित हुआ। पांच लाख तक आयकर में छूट स्वागतयोग्य जरूर है लेकिन इसमें जो टैक्स है उसे देखकर यह कहा जा सकता कि हाथ घुमाकर कान पकड़ने की कहावत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शाहगंज के सपा विधायक और पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई का कहना है कि केंद्र सरकार पांच सालों तक बजट पेश करती रही। तब तक कुछ नहीं किया। अंतरिम बजट में लालीपाप पेश कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। यह चुनावी झुनझुना है और किसानों को धोखा देने की कोशिश है। सरकार की मंशा अगर ठीक रहती तो पहले ही ऐसा प्राविधान क्यों नहीं किया।
पूर्व विधायक सपा ओम प्रकाश दूबे बाबा दूबे का कहना है कि यह अंतरिम बजट है। इसमें इस तरह के प्राविधान नहीं हो सकते। चुनाव को देखते हुए ऐसा प्रलोभन सरकार देकर लोगों को गुमराह कर रही है। शिक्षा, युवा, स्वास्थ्य, महिला के लिए कोई खास प्राविधान नहीं है।

मड़ियाहूं की अपना दल की विधायक डा. लीना तिवारी का कहना है कि 2019 का यह आम बजट मध्यम वर्गीय परिवार के साथ आम जनमानस के लिए अच्छा बजट है। इससे आम जनमानस का विकास होगा। बजट में जनता की बुनियादी जरूरतों को उपलब्ध कराने में आसानी होगी। मध्यम वर्गीय लोगों को टैक्स में छूट मिलेेगा। हमारी गठबंधन की सरकार ने जनता का दिल जीत लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed