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Jalaun News: यमुना का जल स्तर बढा, बाढ़ चौकियां सतर्क
Wed, 10 Jul 2024 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 10 Jul 2024 01:53 AM IST
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कालपी। बारिश की शुरुआत के साथ यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मंगलवार को 94.98 मीटर जल स्तर दर्ज किया गया। जो कि फिलहाल खतरे का संकेत नही दे रहा है।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। कालपी तहसील क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक ग्राम बाढ़ की चपेट में हर वर्ष आते हैं। जिससे इन सभी गांव में ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान होता है। कई ग्राम बाढ़ आने से टापू भी बन जाते हैं। इन ग्रामों में जाने का रास्ता बिल्कुल बंद हो जाता है। इसी को लेकर प्रशासन ने हर ग्राम स्तर पर बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की हैं। इन चौकियों के नंबर ग्रामीणों में सार्वजनिक किए गए हैं। जहां पर किसी भी प्रकार की ग्रामीणों को दिक्कत हो तो वह कॉल करके अपनी समस्या बता सकता है।
बाढ़ नियंत्रण केंद्र के जिम्मेदारों की मानें तो यमुना का न्यूनतम जलस्तर 85 मीटर है। यह नाप समुद्र के जल स्तर से ली जाती है। इस आंकड़े के पास यमुना का जलस्तर कभी नहीं पहुंचा है। बारिश शुरू होने के साथ नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार दोपहर जलस्तर 94.98 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का जल महज एक सेंटीमीटर प्रति घंटा के हिसाब से बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र प्रभारी रुपेश कुमार का कहना है यमुना नदी के किनारे रहने वाले गांव के लोगों को परेशान होने की अभी कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि अभी यमुना की सहायक नदियों का जलस्तर सामान्य चल रहा है। जिससे निकट भविष्य में यहां पर बाढ़ आने जैसे हालात के आसार नहीं है।
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वहीं तहसीलदार अभिनव तिवारी का कहना है कि स्थानीय प्रशासन के द्वारा बाढ़ से निपटने के सारे इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सभी चौकीयों पर कर्मचारी को सक्रिय कर दिया गया है।
बाढ प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश
कालपी। मंगलवार को तहसील सभागार में लेखपालों की साप्ताहिक बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान उप जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी सुशील कुमार सिंह तहसीलदार अभिनव कुमार तिवारी एवं नायब तहसीलदार की मौजूदगी में आयोजित बैठक में उप जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि चक रोड एवं खलिहान के साथ सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की जाए। बाढ़ चौकियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएं और हर गांव से प्रतिष्ठित नागरिक के अलावा गोताखोरों के नंबर की सूची तैयार कर ली जाए। (संवाद)
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। कालपी तहसील क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक ग्राम बाढ़ की चपेट में हर वर्ष आते हैं। जिससे इन सभी गांव में ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान होता है। कई ग्राम बाढ़ आने से टापू भी बन जाते हैं। इन ग्रामों में जाने का रास्ता बिल्कुल बंद हो जाता है। इसी को लेकर प्रशासन ने हर ग्राम स्तर पर बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की हैं। इन चौकियों के नंबर ग्रामीणों में सार्वजनिक किए गए हैं। जहां पर किसी भी प्रकार की ग्रामीणों को दिक्कत हो तो वह कॉल करके अपनी समस्या बता सकता है।
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बाढ़ नियंत्रण केंद्र के जिम्मेदारों की मानें तो यमुना का न्यूनतम जलस्तर 85 मीटर है। यह नाप समुद्र के जल स्तर से ली जाती है। इस आंकड़े के पास यमुना का जलस्तर कभी नहीं पहुंचा है। बारिश शुरू होने के साथ नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार दोपहर जलस्तर 94.98 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का जल महज एक सेंटीमीटर प्रति घंटा के हिसाब से बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र प्रभारी रुपेश कुमार का कहना है यमुना नदी के किनारे रहने वाले गांव के लोगों को परेशान होने की अभी कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि अभी यमुना की सहायक नदियों का जलस्तर सामान्य चल रहा है। जिससे निकट भविष्य में यहां पर बाढ़ आने जैसे हालात के आसार नहीं है।
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वहीं तहसीलदार अभिनव तिवारी का कहना है कि स्थानीय प्रशासन के द्वारा बाढ़ से निपटने के सारे इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सभी चौकीयों पर कर्मचारी को सक्रिय कर दिया गया है।
बाढ प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश
कालपी। मंगलवार को तहसील सभागार में लेखपालों की साप्ताहिक बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान उप जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी सुशील कुमार सिंह तहसीलदार अभिनव कुमार तिवारी एवं नायब तहसीलदार की मौजूदगी में आयोजित बैठक में उप जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि चक रोड एवं खलिहान के साथ सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की जाए। बाढ़ चौकियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएं और हर गांव से प्रतिष्ठित नागरिक के अलावा गोताखोरों के नंबर की सूची तैयार कर ली जाए। (संवाद)