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Jalaun News: यमुना का जलस्तर स्थिर, दो गांवों का संपर्क कटा

Mon, 08 Sep 2025 01:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 01:48 AM IST
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Yamuna water level is stable, two villages are cut off from communication
कालपी। यमुना का जलस्तर रविवार की दोपहर भले ही 107.43 मीटर पर ठहर गया हो, लेकिन इससे अभी जलस्तर कम होने के आसार नहीं है। रात तक हथिनी कुंड बैराज का पानी आने की आशंका है। अगर ऐसा हुआ तो नदी खतरे का निशान पार कर सकती है। वर्तमान में रायढ़ दिवारा व पड़री गांव का संपर्क टूटा है।
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इस वर्ष यमुना तलहटी क्षेत्र के निवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। आलम यह है कि एक माह के अंतराल में नदी का जलस्तर तीसरी बार बढ़ा है। इसकी वजह से महज आवागमन ही प्रभावित नहीं होता है बल्कि किसानों की तीन हजार हेक्टेयर खरीफ की फसलें नष्ट हो चुकी हैं।
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अब सितंबर में भी नदी के जलस्तर के बढ़ने का सिलसिला जारी है। इससे नदी की परिधि में आई जमीन की बुआई भी देरी से होने की आशंका बनी हुई है। मालूम हो कि नदी का जलस्तर 28 जुलाई से बढ़ना शुरू हुआ था। 2 अगस्त को 112 मीटर पार कर गया था। इससे क्षेत्र में भारी परेशानी और किसानों की क्षति हुई थी। हालांकि जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन महज दो सप्ताह बाद यमुना ने अपना रूप दिखाया था। दो दिनों में 109 मीटर तक पहुंच गई थी।
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एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि दोपहर में नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन अभी इसके कम होने के आसार नहीं है। क्योंकि हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने इटावा में दस्तक दे दी है। अगर यहां पानी शीघ्र नहीं निकला तो जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। तहसीलदार अभिनव कुमार तिवारी ने बताया कि यमुना अभी बढ़त में है, लोगों से नदी की धारा से दूर रहने की अपील की जा रही है।






नदियों का जलस्तर हुआ कम, ग्रामीणों ने ली राहत सांस

रामपुरा। विकास खंड रामपुरा के अंतर्गत बहने वाली नदियों की जलधारा में रविवार को गिरावट दर्ज की गई हैं। नदियापार में बहने वाली पहूज व सिंध नदी की जलधारा में रविवार की सुबह से ही नदियों का पानी कम होना शुरू हो गया हैं। इससे बीहड़ में बसें ग्रामीणों ने राहत की सांस ली हैं। बीते दो दिनों में दोबारा आई नदियों में बाढ़ ने नदियापार के कूसेपुरा, नरौल, निनावली, किशनपुरा, मुल्ले का पुरा, डिकौली, मिर्जापुरा, सुल्तानपुरा, बिल्हौड़, जखेता, हुकुमपुरा, मई, जायघा, मोहब्बतपुरा, कर्रा व यमुना के पास बसे गांव शिवगंज, भिटौरा, कंजौसा, गुढ़ा, बेरा, हिम्मतपुर आदि गांवों के लोगों के लिए सिरदर्द बन गई थी। रात बीतने के बाद जलधारा में कमी दिखाई दी। (संवाद)
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