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यमुना ने खतरे का निशान किया पार, बेतवा घटी ़
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कालपी में यमुना का बढ़ते जलस्तर के बारे में एसडीएम से जानकारी लेते डीएम मन्नान अख्तर
- फोटो : ORAI
कालपी/मुहम्मदाबाद। कई दिनों से बढ़ घट रही यमुना ने सोमवार को खतरे के निशान 108 को पार कर लिया। जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार यमुना 108.60 मीटर पर बह रही है। जिससे यमुना पट्टी के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए। कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया। वहीं सूचना पर डीएम, एडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारी कालपी पहुंच गए और बाढ़ क्षेत्रों का जायजा लिया। वहीं बेतवा का जल स्तर दूसरे दिन घटना शुरू हो गया है और बेतवा 122 मीटर से 118.18 पर पहुंच गई। जिससे बेतवा पट्टी के लोगों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि शनिवार को ओखला बांध से यमुना में लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोडा गया था। जिससे रात में ही यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग ढाई मीटर तक बढ़ गया है और रविवार सुबह 8 बजे यमुना खतरे का निशान 108 को पार कर 118.18 पर पहुंच गई। एसडीएम भैरपाल सिंह ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अभी यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है। क्षेत्र में बनी सभी सात बाढ़ राहत चौकियां को हाई एलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। लेखपालों को गांव में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
दोपहर को एसडीएम भैरपाल सिंह व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने की अपील की है। कालपी मगरौल व कालपी गुलौली संपर्क मार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लगभग पांच दर्जन गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। खतरे का निशान पार करते ही ग्रामीणों की धड़कने तेजी से बढ़ने लगी हैं। उधर बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश से बेतवा लगातार उफान पर थी। आंकड़ों के अनुसार बेतवा करीब चार मीटर तक घट गई। इससे बेतवा पटट्ी के लोगों व प्रशासन ने राहत की सांस ली। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बेतवा का जल स्तर शनिवार शाम छह बजे तक 122 मीटर पर था जो रविवार को 118.18 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार को बेतवा 122 मीटर पर पहुंच गई थी, जो खतरे के निशान से मात्र 0.64 मीटर दूर थी,
जिससे प्रशासन व बेतवा पट्टी के गांवों में बाढ़ का डर सताने लगा था। कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था, लेकिन रविवार को बेतवा नरम पड़ी और करीब बेतवा का जल स्तर 4 मीटर तक घटा। एसडीएम विकास कश्यप ने बताया कि जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बेतवा का जल स्तर फिलहाल घटा है, लेकिन इस समय यमुना उफान पर है, जिससे आशंका व्यक्त की गई है कि बेतवा का जल स्तर एक बार फिर बढ़ सकता है। इसीलिए सभी बाढ़ चौकियों के जिम्मेदारों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए है।
बुखार की खबर पर स्वास्थ्य टीमों को गांव भेजा गया
एसडीएम ने बताया कि अभी हाल में सूचना मिली है कि पड़री, नरहान, देवकली, हीरापुर, मगरौल, शेखपुर, गुढ़ा आदि गांवों में वायरल फैल रहा है। उपचार के लिए संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को लंबी दूरी तय कर मदारीपुर मार्ग से जाना पड़ रहा है। मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। जिस पर जिलाधिकारी ने रविवार को ही चार डॉक्टरों सहित एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मियों की मेडिकल टीम को बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के उपचार के लिए रवाना कर दिया है।
इन गांवों का कट गया है संपर्क
मदारपुर, देवकली, रायड़, जकसिया, सुरौली, सुरौला, गुलौली, मवई, सोंधी, जकसिया, मदरालालपुर, पाली, अभिर्वा, जमरेही, मैनुपुर, पडऱी, मगरौल, नरहान, धर्मपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढा, पिपरौंधा, महेबा आदि लगभग पचास गांवों का संपर्क कट गया है।
सैकड़ों बीघा फसल नष्ट
महेबा। यमुना नदी में उफान की वजह से नून नदी भी उफना गई है। इससे नून नदी के रपटों में पानी भर गया है। इसके साथ ही इससे क्षेत्र की सैकड़ों बीघा की फसल जलमग्न हो गई है। रविवार को फसल देखने पहुंचे विधायक नरेंद्र सिंह व एसडीएम भैरपाल सिंह ने किसानों को मुआवजा दिलाने का वादा किया है। विधायक नरेंद्र सिंह ने कहा कि पानी उतरने पर जल्द सर्वे कराकर नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
डीएम ने भी स्थिति का जायजा लिया
कालपी। डीएम डा. मन्नान अख्तर ने बाढ़ की सूचना पर कालपी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यमुना पुल पर जाकर एसडीएम व जल आयोग के कर्मचारियों से जलस्तर की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अलर्ट रहे। किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार को निर्देश दिए कि लेखपालों को गांव में पहुंचकर कैंप करने को कहें। उन्होंने एसडीएम से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों के बारे में पूछताछ की। उन्होंने एसडीएम से पूछा कि ऐसा तो कोई गांव नहीं, जिसे खाली कराने की स्थिति बन सके। इस पर एसडीएम ने फिलहाल ऐसी स्थिति से मना करते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बचाव के पुख्ता इंतजाम है।
निरीक्षण में नाव मिली लीक, एसडीएम ने हटवाई
कालपी। बाढ़ की वजह से कालपी का जोधर नाला पूरी तरह से डूब गया है। प्रशासन ने यहां एतिहातन नाव व पुलिस को तैनात कर दिया है। देर शाम नाले की स्थिति परखने के लिए एसडीएम ने निरीक्षण किया, जिसमें एक नाव लीकेज मिली। जिससे उन्होंने तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने रात में भी यहां पुलिस बल तैनात रहने की बात कही।
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बता दें कि शनिवार को ओखला बांध से यमुना में लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोडा गया था। जिससे रात में ही यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग ढाई मीटर तक बढ़ गया है और रविवार सुबह 8 बजे यमुना खतरे का निशान 108 को पार कर 118.18 पर पहुंच गई। एसडीएम भैरपाल सिंह ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अभी यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है। क्षेत्र में बनी सभी सात बाढ़ राहत चौकियां को हाई एलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। लेखपालों को गांव में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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दोपहर को एसडीएम भैरपाल सिंह व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने की अपील की है। कालपी मगरौल व कालपी गुलौली संपर्क मार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लगभग पांच दर्जन गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। खतरे का निशान पार करते ही ग्रामीणों की धड़कने तेजी से बढ़ने लगी हैं। उधर बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश से बेतवा लगातार उफान पर थी। आंकड़ों के अनुसार बेतवा करीब चार मीटर तक घट गई। इससे बेतवा पटट्ी के लोगों व प्रशासन ने राहत की सांस ली। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बेतवा का जल स्तर शनिवार शाम छह बजे तक 122 मीटर पर था जो रविवार को 118.18 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार को बेतवा 122 मीटर पर पहुंच गई थी, जो खतरे के निशान से मात्र 0.64 मीटर दूर थी,
जिससे प्रशासन व बेतवा पट्टी के गांवों में बाढ़ का डर सताने लगा था। कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था, लेकिन रविवार को बेतवा नरम पड़ी और करीब बेतवा का जल स्तर 4 मीटर तक घटा। एसडीएम विकास कश्यप ने बताया कि जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बेतवा का जल स्तर फिलहाल घटा है, लेकिन इस समय यमुना उफान पर है, जिससे आशंका व्यक्त की गई है कि बेतवा का जल स्तर एक बार फिर बढ़ सकता है। इसीलिए सभी बाढ़ चौकियों के जिम्मेदारों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए है।
बुखार की खबर पर स्वास्थ्य टीमों को गांव भेजा गया
एसडीएम ने बताया कि अभी हाल में सूचना मिली है कि पड़री, नरहान, देवकली, हीरापुर, मगरौल, शेखपुर, गुढ़ा आदि गांवों में वायरल फैल रहा है। उपचार के लिए संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को लंबी दूरी तय कर मदारीपुर मार्ग से जाना पड़ रहा है। मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। जिस पर जिलाधिकारी ने रविवार को ही चार डॉक्टरों सहित एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मियों की मेडिकल टीम को बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के उपचार के लिए रवाना कर दिया है।
इन गांवों का कट गया है संपर्क
मदारपुर, देवकली, रायड़, जकसिया, सुरौली, सुरौला, गुलौली, मवई, सोंधी, जकसिया, मदरालालपुर, पाली, अभिर्वा, जमरेही, मैनुपुर, पडऱी, मगरौल, नरहान, धर्मपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढा, पिपरौंधा, महेबा आदि लगभग पचास गांवों का संपर्क कट गया है।
सैकड़ों बीघा फसल नष्ट
महेबा। यमुना नदी में उफान की वजह से नून नदी भी उफना गई है। इससे नून नदी के रपटों में पानी भर गया है। इसके साथ ही इससे क्षेत्र की सैकड़ों बीघा की फसल जलमग्न हो गई है। रविवार को फसल देखने पहुंचे विधायक नरेंद्र सिंह व एसडीएम भैरपाल सिंह ने किसानों को मुआवजा दिलाने का वादा किया है। विधायक नरेंद्र सिंह ने कहा कि पानी उतरने पर जल्द सर्वे कराकर नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
डीएम ने भी स्थिति का जायजा लिया
कालपी। डीएम डा. मन्नान अख्तर ने बाढ़ की सूचना पर कालपी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यमुना पुल पर जाकर एसडीएम व जल आयोग के कर्मचारियों से जलस्तर की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अलर्ट रहे। किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार को निर्देश दिए कि लेखपालों को गांव में पहुंचकर कैंप करने को कहें। उन्होंने एसडीएम से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों के बारे में पूछताछ की। उन्होंने एसडीएम से पूछा कि ऐसा तो कोई गांव नहीं, जिसे खाली कराने की स्थिति बन सके। इस पर एसडीएम ने फिलहाल ऐसी स्थिति से मना करते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बचाव के पुख्ता इंतजाम है।
निरीक्षण में नाव मिली लीक, एसडीएम ने हटवाई
कालपी। बाढ़ की वजह से कालपी का जोधर नाला पूरी तरह से डूब गया है। प्रशासन ने यहां एतिहातन नाव व पुलिस को तैनात कर दिया है। देर शाम नाले की स्थिति परखने के लिए एसडीएम ने निरीक्षण किया, जिसमें एक नाव लीकेज मिली। जिससे उन्होंने तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने रात में भी यहां पुलिस बल तैनात रहने की बात कही।

मुहाना बेतवा में बहता पानी- फोटो : ORAI

कालपी के आसपास गांव के ग्रामीण नावों से आते-जाते। - फोटो : ORAI

नाव पर बाइक रखकर कालपी कस्बे की ओर आते ग्रामीण। - फोटो : ORAI