{"_id":"5ec8182b8ebc3e904d58901f","slug":"worshiped-the-vat-in-the-early-hours-to-escape-from-the-police-orai-news-knp561535294","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस से बचने को तड़के ही कर लिया वट का पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस से बचने को तड़के ही कर लिया वट का पूजन
विज्ञापन
कस्बे के गोखले नगर में बरगद के वृक्ष की पूजा करती महिलाएं
- फोटो : ORAI
उरई/कोंच/आटा। शुक्रवार को वट वृक्ष का पूजन कर सुहागिनों ने पति की लंबी आयु की कामना की। लॉकडाउन में भीड़ से बचने को कुछ ने तो घर पर ही वट वृक्ष की डाली मंगाकर पूजन कर लिया तो कहीं तड़के ही पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ लग गई। इस दौरान महिलाएं मास्क तो लगाए रहीं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग टूटती दिखी। कई जगह पुलिस ने महिलाओं को समझाया कि घर जाकर पूजा करें।
ज्येष्ठ में पड़ने वाली वट अमावस्या को सुहागिनें व्रत रखती हैं। लेकिन इस बार कोरोना संकट ने पूजन में भी थोड़ा विघभन डाल दिया। लॉकडाउन में सामूहिक पूजन पर भी प्रतिबंध है। इस कारण महिलाओं में थोड़ी चिंता भी दिखी कि पूजा कैसे करेंगी। इस बार लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते उरई, कोंच, कालपी, माधौगढ़, रामपुरा, आटा, सरावन आदि गांव कस्बों में कहीं घरों पर तो कहीं बरगद के पेड़ की ही महिलाओं ने पूजा अर्चना की। हालांकि कुछ एक स्थानों पर पेड़ के आसपास भी पुलिस ने पूजा करने की मनाही कर रखी थी। जहां पेड़ ही महिलाओं ने पूजा अर्चना की, वहां कहीं कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग देखने को मिली और नहीं भी मिली वाली स्थिति रही। पूजा में बुजुर्ग महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ हिस्सेदारी की।
कोंच संवाद के मुताबिक कोविड-19 के चलते जारी लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग काफी महत्वपूर्ण है। जिसका पालन करते हुए महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं और उसकी पूजा की। मंजू चौरसिया, निर्मला, सीता, ऋचा चौरसिया, सोनम, पूनम, सरोज, अंजना, अर्चना आदि ने व्रत रख कर घर पर ही पूजा अर्चना की और अपने सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की। हाल ये रहा कि पुलिस की नजर से बचने को कहीं-कहीं सुहागिनें सुबह पांच बजे ही पूजन करने पहुंच गईं। यहां सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। महिलाओं का कहना था कि इस पूजन में रोकटोक नहीं होनी चाहिए। महिलाओं ने वट वृक्ष और घरों में वृक्ष की डाल का पूजन कर फेरे लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्येष्ठ में पड़ने वाली वट अमावस्या को सुहागिनें व्रत रखती हैं। लेकिन इस बार कोरोना संकट ने पूजन में भी थोड़ा विघभन डाल दिया। लॉकडाउन में सामूहिक पूजन पर भी प्रतिबंध है। इस कारण महिलाओं में थोड़ी चिंता भी दिखी कि पूजा कैसे करेंगी। इस बार लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते उरई, कोंच, कालपी, माधौगढ़, रामपुरा, आटा, सरावन आदि गांव कस्बों में कहीं घरों पर तो कहीं बरगद के पेड़ की ही महिलाओं ने पूजा अर्चना की। हालांकि कुछ एक स्थानों पर पेड़ के आसपास भी पुलिस ने पूजा करने की मनाही कर रखी थी। जहां पेड़ ही महिलाओं ने पूजा अर्चना की, वहां कहीं कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग देखने को मिली और नहीं भी मिली वाली स्थिति रही। पूजा में बुजुर्ग महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ हिस्सेदारी की।
विज्ञापन
कोंच संवाद के मुताबिक कोविड-19 के चलते जारी लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग काफी महत्वपूर्ण है। जिसका पालन करते हुए महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं और उसकी पूजा की। मंजू चौरसिया, निर्मला, सीता, ऋचा चौरसिया, सोनम, पूनम, सरोज, अंजना, अर्चना आदि ने व्रत रख कर घर पर ही पूजा अर्चना की और अपने सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की। हाल ये रहा कि पुलिस की नजर से बचने को कहीं-कहीं सुहागिनें सुबह पांच बजे ही पूजन करने पहुंच गईं। यहां सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। महिलाओं का कहना था कि इस पूजन में रोकटोक नहीं होनी चाहिए। महिलाओं ने वट वृक्ष और घरों में वृक्ष की डाल का पूजन कर फेरे लिए।

बरगद के पेड़ में धागा बांधती महिलाएं- फोटो : ORAI

घर में वट सावित्री की पूजा करती सुहागिन- फोटो : ORAI
विज्ञापन