{"_id":"6349a6a98606053db2782de5","slug":"with-the-help-of-e-kavach-app-asha-workers-will-be-able-to-do-their-work-online-orai-news-knp7232979176","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई कवच एप की मदद से आशा कार्यकर्ता अपने काम को ऑनलाइन कर सकेगी फीडिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई कवच एप की मदद से आशा कार्यकर्ता अपने काम को ऑनलाइन कर सकेगी फीडिंग
विज्ञापन
उरई। आशा कार्यकर्ताओं को ई-कवच से लैस किया जा रहा है। इसकी मदद से वे अपने कामों को ई कवच एप पर अपलोड करेंगी। उनके कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा की जा सकेगी। साथ ही कार्यों का ब्योरा भी रखा जा सकेगा। फील्ड से ही ऑनलाइन फीडिंग में भी आसानी होगी।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि जिले में 1175 आशा कार्यकर्ता हैं। इसमें 950 आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल वितरित किया जा चुका है। आशाओं को ई-कवच का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष आशा कार्यकर्ताओं को जल्द मोबाइल उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इससे वह भी पोर्टल पर अपने काम की फीडिंग कर सकेंगी।
डीसीपीएम डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में गर्भवती के पंजीकरण और टीकाकरण का काम करती हैं। उन्हें कागजों पर ब्योरा भरना पड़ता था, लेकिन अब आशा वर्कर ई-कवच एप पर अपने कार्यों को करेंगी। एक क्लिक पर उनके कार्यों को ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
एप के माध्यम से उनके काम पर ब्लॉक, जिला और शासन स्तर तक सीधे नजर रहेगी और इसे कभी भी देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण कर ई-कवच पर फीडिंग होगी। इसके बाद एएनएम की ओर से सभी टीकों की रिपोर्टिंग का काम भी ई-कवच एप के माध्यम से किया जाएगा। आशा और एएनएम को अलग अलग आईडी उपलब्ध कराई गई है।
जिला शहरी स्वास्थ्य कोआर्डिनेटर संजीव कुमार चंदेरिया का कहना है कि शहरी क्षेत्र के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों के अधीन कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण के बाद ई-कवच पर काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि जिले में 1175 आशा कार्यकर्ता हैं। इसमें 950 आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल वितरित किया जा चुका है। आशाओं को ई-कवच का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष आशा कार्यकर्ताओं को जल्द मोबाइल उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इससे वह भी पोर्टल पर अपने काम की फीडिंग कर सकेंगी।
विज्ञापन
डीसीपीएम डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में गर्भवती के पंजीकरण और टीकाकरण का काम करती हैं। उन्हें कागजों पर ब्योरा भरना पड़ता था, लेकिन अब आशा वर्कर ई-कवच एप पर अपने कार्यों को करेंगी। एक क्लिक पर उनके कार्यों को ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
एप के माध्यम से उनके काम पर ब्लॉक, जिला और शासन स्तर तक सीधे नजर रहेगी और इसे कभी भी देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण कर ई-कवच पर फीडिंग होगी। इसके बाद एएनएम की ओर से सभी टीकों की रिपोर्टिंग का काम भी ई-कवच एप के माध्यम से किया जाएगा। आशा और एएनएम को अलग अलग आईडी उपलब्ध कराई गई है।
जिला शहरी स्वास्थ्य कोआर्डिनेटर संजीव कुमार चंदेरिया का कहना है कि शहरी क्षेत्र के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों के अधीन कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण के बाद ई-कवच पर काम शुरू कर दिया है।