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Jalaun News: गेहूं की फसल में घाटा तो सब्जी ने कराया मुनाफा
Sun, 01 Dec 2024 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 01 Dec 2024 11:48 PM IST
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मुहम्मदाबाद। गेहूं की फसल में घाटा होने पर निराश किसान दंपती ने जब सब्जी की खेती की तो लाखों का मुनाफा हो गया। कम जमीन होने के बाद भी अब वह अच्छी फसल पैदाकर दूसरे किसानों को सब्जी की खेती करने की प्रेरणा दे रहे हैं। सब्जी की फसल से उनकी परिवार की स्थिति ठीक हो गई है। दो वर्ष से दंपती मिर्च, टमाटर व बैंगन फसलों से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
डकोर क्षेत्र के ऐरी गांव निवासी पंचम सिंह के पास मात्र एक एकड़ खेती है। जिसमें वह गेहूं आदि की फसल करते थे। इस उपज से उन्हें घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था। हर साल हो रहे घाटे से वह परेशान हो गए। साथ ही उनके ऊपर कर्जा भी लद गया। इस पर उन्होंने सब्जी की खेती करने की ठानी। उन्होंने अपनी एक एकड़ जमीन में हरी मिर्च, टमाटर व बैंगन की फसल तैयार की।
किसान पंचम सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष उसने 50 क्विंटल हरी मिर्च बेची थी। इस वर्ष भी वह अब तक चालीस हजार रुपये की मिर्च बेच चुके हैं। इसके साथ ही बैंगन, टमाटर से भी उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। जहां गेहूं में साल भर मेहनत के बाद वह बीस हजार भी नहीं बचा पा रहे थे। अब इसी खेती में वह करीब दो लाख रुपये बचा लेते हैं। इससे उनकी परिवार की स्थिति भी ठीक होने लगी है।
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बताया कि खेत नहर से लगा होने के चलते उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। बताया कि फसल को तैयार करने में मजदूरी में दस हजार रुपये खर्च हुए। इसके साथ ही एक हजार हजार रुपये की दवा का छिड़काव किया गया। इतने में ही वह खूब मुनाफा कमा रहे हैं। पंचम ने बताया कि मिर्च की खेती जून माह तक चलती है। वह अपने खेत में झोपड़ी बनाकर पत्नी घंसी देवी के साथ रखवाली कर जानवरों से फसल बचाते हैं। उसका कहना है कि कम जमीन वाले किसान सब्जी की खेती अन्य किसानों से ज्यादा मुनाफा ले सकते हैं। (संवाद)
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डकोर क्षेत्र के ऐरी गांव निवासी पंचम सिंह के पास मात्र एक एकड़ खेती है। जिसमें वह गेहूं आदि की फसल करते थे। इस उपज से उन्हें घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था। हर साल हो रहे घाटे से वह परेशान हो गए। साथ ही उनके ऊपर कर्जा भी लद गया। इस पर उन्होंने सब्जी की खेती करने की ठानी। उन्होंने अपनी एक एकड़ जमीन में हरी मिर्च, टमाटर व बैंगन की फसल तैयार की।
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किसान पंचम सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष उसने 50 क्विंटल हरी मिर्च बेची थी। इस वर्ष भी वह अब तक चालीस हजार रुपये की मिर्च बेच चुके हैं। इसके साथ ही बैंगन, टमाटर से भी उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। जहां गेहूं में साल भर मेहनत के बाद वह बीस हजार भी नहीं बचा पा रहे थे। अब इसी खेती में वह करीब दो लाख रुपये बचा लेते हैं। इससे उनकी परिवार की स्थिति भी ठीक होने लगी है।
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बताया कि खेत नहर से लगा होने के चलते उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। बताया कि फसल को तैयार करने में मजदूरी में दस हजार रुपये खर्च हुए। इसके साथ ही एक हजार हजार रुपये की दवा का छिड़काव किया गया। इतने में ही वह खूब मुनाफा कमा रहे हैं। पंचम ने बताया कि मिर्च की खेती जून माह तक चलती है। वह अपने खेत में झोपड़ी बनाकर पत्नी घंसी देवी के साथ रखवाली कर जानवरों से फसल बचाते हैं। उसका कहना है कि कम जमीन वाले किसान सब्जी की खेती अन्य किसानों से ज्यादा मुनाफा ले सकते हैं। (संवाद)