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यमुना का बढने लगा जलस्तर, बाढ़ राहत चौकियां अलर्ट

Thu, 21 Jul 2022 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 11:52 PM IST
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Water level of Yamuna started rising, flood relief post alert
यमुना में बढ़ता जलस्तर। - फोटो : ORAI
कालपी। विभिन्न राज्यों में हो रही बारिश के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग आधा मीटर बढ़ गया है। हालांकि अभी यमुना खतरे के निशान से नीचे है। यमुना के बढ़ते जलस्तर की प्रतिघंटे की रिपोर्ट शासन और प्रशासन को भेजी जा रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट भी कर दिया गया है। उधर, यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं।
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विभिन्न राज्यों में हो रही बरसात के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार अभी किसी बांध का पानी नहीं छोड़ा गया है इसके बावजूद यमुना का जलस्तर बरसात के चलते पिछले 24 घंटे में लगभग आधा मीटर बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि शासन व प्रशासन को यमुना के बढ़ते जलस्तर की प्रति घंटे की रिपोर्ट भेजी जा रही है। हालांकि यमुना अभी खतरे के निशान से नौ मीटर नीचे है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र की लगभग छह बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपालों को भी गांवों में यमुना की बाढ़ पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे बसे लगभग 50 गांवों में लोगों की धड़कन बढ़ने लगी है।
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20 जुलाई दिन बुधवार को शाम चार बजे यमुना का जलस्तर -- 98.41 मीटर
21 जुलाई दिन गुरुवार को शाम चार बजे यमुना का जलस्तर --- 98.90 मीटर
अलर्ट का निशान . 107 मीटर
खतरे का निशान . 108 मीटर
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फोटो-11-बाजार के अंदर बना विद्युत कमरा ढह गया। संवाद
बारिश से बिजली के सब स्टेशन का भवन ढहा
माधौगढ़। गांधी चबूतरा के पास 60 साल पुराना जर्जर बिजली सब स्टेशन का भवन बारिश के चलते भरभरा कर ढह गया। जिससे बिजली केबल, इंसुलेटर टूटकर गिर गए। गनीमत रही कि बाजार बंदी व बारिश के चलते फुटपाथ दुकानदार के न होने से बड़ा हादसा टल गया। जिससे बिजली आपूर्ति दिन भर बंद रही।
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बता दें कि सन 1962 में विद्युतीकरण का काम शुरू किया गया था। गांधी चबूतरा के पास कमरा बनाया गया। जिसके अंदर ट्रांसफार्मर रख कर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों की सप्लाई शुरू की गई। 33 केवीए का सब स्टेशन बनने के बाद भी अंदर रखे ट्रांसफार्मर से आधे कस्बा को बिजली आपूर्ति की जाती हैं। गुरुवार की दोपहर तेज बारिश के चलते जर्जर कमरा तेज आवाज के साथ ढह गया। जिससे नीचे केबल, इंसुलेटर दब गए। ट्रांसफार्मर टूटते बाल-बाल बचा। समाजसेवी लक्ष्मीकांत सोनी, संतराम मिसुरिया, अरुण सिंह, एलवी सिंह का कहना हैं कि कमरा जर्जर की शिकायत पांच साल पहले तहसील दिवस में दी थी। तत्कालीन एसडीओ दीपक सिंह ने आकर मुआयना किया था।
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