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Jalaun News: जल संस्थान के अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप
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उरई। आरटीआई कार्यकर्ता सीमा साहू ने जल संस्थान के अफसरों पर सूचना देने से इन्कार करने और भ्रष्टाचार छुपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मंगलवार को राज्य सूचना आयोग और नगर मजिस्ट्रेट को पत्र भेजा है।
सीमा साहू का कहना है कि उन्होंने 15 मई 2025 को जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी। इसमें जल संस्थान द्वारा मार्च 2025 में किए गए कार्यों और व्यय की जानकारी मांगी गई थी। राज्य सूचना आयोग और नगर मजिस्ट्रेट को पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि सूचना मांगने के बाद उनसे छायाप्रति शुल्क के रूप में राशि जमा कराने के लिए कहा गया। इसे उन्होंने नियमानुसार जमा कर दिया। इसके बाद भी उन्हें मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने 13 जुलाई 2025 को एक पत्र के माध्यम से सूचना न देने के कारण पूछे तो संस्थान की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। सीमा साहू का आरोप है कि मार्च 2025 में हुए कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का संदेह है। पहले प्राप्त सूचनाओं में भी कई अनियमितताओं के संकेत मिले थे। जब उन्होंने उन्हीं जानकारियों को फिर से आरटीआई के तहत मांगा, तो जल संस्थान ने पूरी जानकारी छुपाने की कोशिश की।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि जल संस्थान के अधिकारी जल्द ही फर्जी भुगतान कर सकते हैं इसीलिए सूचना देने से इन्कार कर रहे हैं।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सोम प्रकाश ने बताया कि सूचना मांगी गई थी लेकिन उसमें कुछ सवाल ऐसे थे जिनका जवाब देना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर हम हर सूचना का जवाब देते रहे तो संस्थान का कामकाज प्रभावित होगा।
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सीमा साहू का कहना है कि उन्होंने 15 मई 2025 को जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी। इसमें जल संस्थान द्वारा मार्च 2025 में किए गए कार्यों और व्यय की जानकारी मांगी गई थी। राज्य सूचना आयोग और नगर मजिस्ट्रेट को पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि सूचना मांगने के बाद उनसे छायाप्रति शुल्क के रूप में राशि जमा कराने के लिए कहा गया। इसे उन्होंने नियमानुसार जमा कर दिया। इसके बाद भी उन्हें मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
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उन्होंने 13 जुलाई 2025 को एक पत्र के माध्यम से सूचना न देने के कारण पूछे तो संस्थान की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। सीमा साहू का आरोप है कि मार्च 2025 में हुए कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का संदेह है। पहले प्राप्त सूचनाओं में भी कई अनियमितताओं के संकेत मिले थे। जब उन्होंने उन्हीं जानकारियों को फिर से आरटीआई के तहत मांगा, तो जल संस्थान ने पूरी जानकारी छुपाने की कोशिश की।
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उन्होंने यह भी दावा किया कि जल संस्थान के अधिकारी जल्द ही फर्जी भुगतान कर सकते हैं इसीलिए सूचना देने से इन्कार कर रहे हैं।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सोम प्रकाश ने बताया कि सूचना मांगी गई थी लेकिन उसमें कुछ सवाल ऐसे थे जिनका जवाब देना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर हम हर सूचना का जवाब देते रहे तो संस्थान का कामकाज प्रभावित होगा।