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बारिश ने बढ़ाई ठंड, जनजीवन अस्तव्यस्त
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बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई तेज बारिश के बाद हर किसी ने अपने बचने के इंतजाम किए। इस बीच मुहम्मदाबाद
- फोटो : ORAI
उरई। बारिश ने फिर एक ठंड बढ़ा दी। इससे जहां आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। वहीं जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों और शहर के कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या से लोग जूझे। वहीं शाम तक रुक-रुक कर होती रही बारिश से किसानों के चेहरों पर सिकन आ गई। उधर, रोज की अपेक्षा फिर एक बार अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम रही। ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा। गुरुवार को न्यूनतम पारा 12 डिग्री और अधिकतम पारा 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बताते चलें कि गुरुवार की भोर से जिले में बारिश शुरू हो गई थी, जो शाम तक हुई। इससे शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के पानी की समस्या से ग्रामीण जूझे। उधर, उरई शहर के रैन बसेरों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन यहां पशुओं ने अपना बसेरा बनाया। शाम को ठंड अधिक होने की वजह से लोग शाम से ही रैन बसेरों की ओर पहुंचने लगे।
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अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही
अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम रही। जो भी मरीज आए, वह अधिकांश सर्दी से संबंधित थे। सीएचसी पीएचसी स्तर पर कुल 1072 मरीज अस्पतालों में पहुंचे। वहीं जिला अस्पताल में 779 मरीज आए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार का कहना है कि ठंडी चीजों से परहेज करें। जरूरी न होने पर घर से न निकले।
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ट्रेन संचालन पर दिखा असर
बारिश का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। पुष्पक समेत कई ट्रेनें एक घंटे से अधिक विलंब से आई। वहीं दिन वाली ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ रहा। संत कबीरनगर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें आधा घंटे से लेकर दो घंटे तक देरी से उरई स्टेशन पहुंची। हालांकि झांसी कानपुर मेमू में भी कम यात्रियों ने सर्दी के कारण सफर किया।
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फोटो -13 बारिश के गिरा पड़ा मटर का फूल।
फोटो-19 सरावन में बारिश से सरसों की झुकी फसल।
बारिश जारी, किसानों की धड़कनें बढ़ी
उरई/मुहम्मदाबाद। रात से हो रही बारिश से पारा 12 डिग्री पहुंच गया है। वहीं बारिश से किसानों की धड़कने बढ़ने लगी। इस समय मटर, सरसों, चना में फूल आ चुका हैं। अब बारिश का पानी गिरने से फूलों पर नुकसान की आशंका जताई जा रही हैं। अगर बारिश इसी तरह होती रही तो किसानों को नुकसान हो सकता हैं। किसान शांतिस्वरुप राठौर, राजकुमार, विनोद, नृपत सिंह आदि का कहना हैं कि यह ज्यादा बारिश होने से फसलों को नुकसान होगा। वही कुछ किसान जिन्होंने हरी मटर अपने खेतों में की थी उसको तोड़ने के बाद गेहूं की बुआई की थी उनके लिए बारिश का पानी फायदेमंद होगा। सिंचाई के लिए धन बचेगा।
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यही हाल रहा तो सकता है नुकसान
उरई/उमरी। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ राजीव सिंह का कहना है कि जो बारिश हो रही है, उससे ज्यादा नुकसान नहीं है। बस खेतों में भराव नहीं होना चाहिए। थोड़ा बहुत चने की फसल को नुकसान हो सकता है, वह भी जब ज्यादा बारिश हो। फिलहाल बारिश की यह स्थिति ज्यादा दिन रहती है तो नुकसान हो सकता है।
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फोटो -14-किसान लाखन सिंह।
फसलों में आने वाले फूल को नुकसान
किसान लाखन सिंह का कहना है कि अभी तक दो बार हुई बारिश रबी की फसल के लिए ठीक हैं। पर अगर बारिश इसी तरह होती रही तो नुकसान होगा। इस समय फसलों में फूल आ रहा है। ज्यादा बारिश फूलों के लिए नुकसानदेह है।
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फोटो-15-किसान देवकली
पहले बारिश हो जाती तो सिंचाई न करनी पड़ती
महिला किसान देवकली का कहना है कि हम किसानों ने अपने खेतों में सिंचाई के लिए पानी खरीदकर कुछ दिन पहले सिंचाई करा ली थी। अगर यह बारिश पहले हो जाती तो हमें यह मशक्कत नहीं करनी पड़ती।
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फोटो-10-मुहम्मदाबाद में नाला चोक होने से रास्ते में भरा पानी।
फोटो-11-मकान के अंदर घुसता पानी।
फोटो-12-कोंच रोड स्थित रोडवेज बस अड्डे पर बारिश के बाद जलभराव का दृश्य।
नाला चोक, सड़क पर जलभराव
उरई/मुहम्मदाबाद। शहर हो या गांव हर जगह बारिश के पानी से नाले नालियां उफना गईं। डकोर क्षेत्र के मुहम्मदाबाद गांव में बस स्टैंड के पास सड़क के नीचे पड़े पाइप चोक होने की वजह से आम रास्ते पर जलभराव हो गया। कई लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। मोहल्लेवासी जितेंद्र, महादेव, संतोष गुप्ता, प्रेम अतरौलिया ने बताया कि जब भी बारिश होती है तो यहां जलभराव की समस्या हो जाती है। वहीं शहर के रोडवेज बस अड्डे पर भी जलभराव देखा गया। इसके चलते यात्रियों को गंदगी से होकर निकलना पड़ा। संकटा देवी मंदिर के आसपास भी जलभराव रहा। जिन मोहल्ले में पालिका द्वारा काम कराया जा रहा है, वहां भी बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
जालौन। पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से ठंड अधिक हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के चलते ही घरों से बाहर निकले। बाजार में लोग गर्म कपड़े खरीदने के साथ ही ठंडक से बचने के लिए रूम हीटर, इमरसन राड, गीजर आदि की खरीदारी करते दिखे।
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बताते चलें कि गुरुवार की भोर से जिले में बारिश शुरू हो गई थी, जो शाम तक हुई। इससे शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के पानी की समस्या से ग्रामीण जूझे। उधर, उरई शहर के रैन बसेरों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन यहां पशुओं ने अपना बसेरा बनाया। शाम को ठंड अधिक होने की वजह से लोग शाम से ही रैन बसेरों की ओर पहुंचने लगे।
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अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही
अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम रही। जो भी मरीज आए, वह अधिकांश सर्दी से संबंधित थे। सीएचसी पीएचसी स्तर पर कुल 1072 मरीज अस्पतालों में पहुंचे। वहीं जिला अस्पताल में 779 मरीज आए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार का कहना है कि ठंडी चीजों से परहेज करें। जरूरी न होने पर घर से न निकले।
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ट्रेन संचालन पर दिखा असर
बारिश का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। पुष्पक समेत कई ट्रेनें एक घंटे से अधिक विलंब से आई। वहीं दिन वाली ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ रहा। संत कबीरनगर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें आधा घंटे से लेकर दो घंटे तक देरी से उरई स्टेशन पहुंची। हालांकि झांसी कानपुर मेमू में भी कम यात्रियों ने सर्दी के कारण सफर किया।
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फोटो -13 बारिश के गिरा पड़ा मटर का फूल।
फोटो-19 सरावन में बारिश से सरसों की झुकी फसल।
बारिश जारी, किसानों की धड़कनें बढ़ी
उरई/मुहम्मदाबाद। रात से हो रही बारिश से पारा 12 डिग्री पहुंच गया है। वहीं बारिश से किसानों की धड़कने बढ़ने लगी। इस समय मटर, सरसों, चना में फूल आ चुका हैं। अब बारिश का पानी गिरने से फूलों पर नुकसान की आशंका जताई जा रही हैं। अगर बारिश इसी तरह होती रही तो किसानों को नुकसान हो सकता हैं। किसान शांतिस्वरुप राठौर, राजकुमार, विनोद, नृपत सिंह आदि का कहना हैं कि यह ज्यादा बारिश होने से फसलों को नुकसान होगा। वही कुछ किसान जिन्होंने हरी मटर अपने खेतों में की थी उसको तोड़ने के बाद गेहूं की बुआई की थी उनके लिए बारिश का पानी फायदेमंद होगा। सिंचाई के लिए धन बचेगा।
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यही हाल रहा तो सकता है नुकसान
उरई/उमरी। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ राजीव सिंह का कहना है कि जो बारिश हो रही है, उससे ज्यादा नुकसान नहीं है। बस खेतों में भराव नहीं होना चाहिए। थोड़ा बहुत चने की फसल को नुकसान हो सकता है, वह भी जब ज्यादा बारिश हो। फिलहाल बारिश की यह स्थिति ज्यादा दिन रहती है तो नुकसान हो सकता है।
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फोटो -14-किसान लाखन सिंह।
फसलों में आने वाले फूल को नुकसान
किसान लाखन सिंह का कहना है कि अभी तक दो बार हुई बारिश रबी की फसल के लिए ठीक हैं। पर अगर बारिश इसी तरह होती रही तो नुकसान होगा। इस समय फसलों में फूल आ रहा है। ज्यादा बारिश फूलों के लिए नुकसानदेह है।
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फोटो-15-किसान देवकली
पहले बारिश हो जाती तो सिंचाई न करनी पड़ती
महिला किसान देवकली का कहना है कि हम किसानों ने अपने खेतों में सिंचाई के लिए पानी खरीदकर कुछ दिन पहले सिंचाई करा ली थी। अगर यह बारिश पहले हो जाती तो हमें यह मशक्कत नहीं करनी पड़ती।
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फोटो-10-मुहम्मदाबाद में नाला चोक होने से रास्ते में भरा पानी।
फोटो-11-मकान के अंदर घुसता पानी।
फोटो-12-कोंच रोड स्थित रोडवेज बस अड्डे पर बारिश के बाद जलभराव का दृश्य।
नाला चोक, सड़क पर जलभराव
उरई/मुहम्मदाबाद। शहर हो या गांव हर जगह बारिश के पानी से नाले नालियां उफना गईं। डकोर क्षेत्र के मुहम्मदाबाद गांव में बस स्टैंड के पास सड़क के नीचे पड़े पाइप चोक होने की वजह से आम रास्ते पर जलभराव हो गया। कई लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। मोहल्लेवासी जितेंद्र, महादेव, संतोष गुप्ता, प्रेम अतरौलिया ने बताया कि जब भी बारिश होती है तो यहां जलभराव की समस्या हो जाती है। वहीं शहर के रोडवेज बस अड्डे पर भी जलभराव देखा गया। इसके चलते यात्रियों को गंदगी से होकर निकलना पड़ा। संकटा देवी मंदिर के आसपास भी जलभराव रहा। जिन मोहल्ले में पालिका द्वारा काम कराया जा रहा है, वहां भी बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
जालौन। पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से ठंड अधिक हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के चलते ही घरों से बाहर निकले। बाजार में लोग गर्म कपड़े खरीदने के साथ ही ठंडक से बचने के लिए रूम हीटर, इमरसन राड, गीजर आदि की खरीदारी करते दिखे।