मुहम्मदाबाद। 28 मई को आई आंधी के बाद से बत्ती गुल है। इससे कुसमिलिया फीडर से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। छह गांवों की बिजली तो दूसरे फीडर से जोड़कर बहाल कर दी गई पर ऐरी, रमपुरा, गुढ़ा, बंधौली, सिमरिया, हैदलपुर गांव में गुरुवार को भी बत्ती नहीं आई। इस कारण ग्रामीण पानी को भी तरस गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था वर्तमान में भगवान भरोसे चल रही है। आंधी आए हुए सप्ताह भर हो गया पर बिजली विभाग गांवों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक बिजली विभाग का कोई कर्मचारी नुकसान को देखने तक नहीं आया है। जिससे सबसे ज्यादा पेयजल की समस्या हो रही है। इसके अलावा न तो लोगों को मोबाइल चार्ज हो रहे है। न ही गेहूं की पिसाई आदि काम हो रहे है। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष ब्रजेश राजपूत का कहना है कि उनके गांव में पिछले दिनों मुख्यमंत्री का दौरा हुआ था। तब लगा था कि गांव वीआईपी हो गया है। अब छोटी-मोटी समस्याएं नहीं रहेगी पर बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं। गांववाले टैंकर से पानी मंगवाने को मजबूर हैं। ऐरी रमपुरा प्रधान ओमकार पाल, उदयसिंह, बबुआ, जियालाल आदि ने जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।