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पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित 16096 किसान
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माधौगढ़। केंद्र सरकार की किसानों के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ कृषि अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते किसानों को नहीं मिल पा रहा हैं। यही कारण हैं कि तहसील क्षेत्र के 70739 किसानों में मात्र 41 हजार किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि मिली हैं। जबकि कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा तहसील क्षेत्र के 57096 किसानों को पात्र होने के बाद भी 16096 किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि का पैसा खाते में आने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना नवंबर 2018 में शुरू की गई थी। इसमें किसान को एक साल में 6000 रुपये दिए जाने का प्रावधान हैं। शासन के निर्देश हैं कि कोई भी किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से वंचित न रहने पाए। फिर भी तहसील क्षेत्र के किसान बैंक, राजकीय बीज गोदाम या फिर लेखपालों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों को योजना का लाभ मिलना मुश्किल हो गया हैं। किसान कृषि अधिकारियों से लेकर सरकार को कोस रहे हैं। कह रहे हैं कि लाभ नहीं देना था तो योजना चालू क्यों की थी।
तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति का कहना है कि सभी लेखपालों को निर्देश दे दिए गए हैं कि जिसके एप पर किसानों के नाम पड़े हैं गांव से जानकारी कर शीघ्र पोर्टल पर रिपोर्ट लगा दें। शिकायत मिलने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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तीन किश्तों में मिलती है छह हजार की धनराशि
योजना के बाबत पंजीयन प्रभारी राघवेंद्र सिंह का कहना हैं कि सम्मान निधि पति, पत्नी व नाबालिग बच्चों में मुखिया को मिलती हैं। एक साल में तीन बार खातों में भेजी जाती हैं। साथ ही जिस किसान को देर से सम्मान निधि मिलनी शुरू हुई हैं, उन्हें भी पूरी किस्तें भी दी जाएगी। जो किसान भूतपूर्व संविधान पद धारक, मंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी, दस हजार से अधिक मासिक पेंशन, संस्थागत भूमिधारक सरकारी भूमि तथा एक जनवरी 2019 के बाद भूमि की रजिस्ट्री वालों को योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
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फोटो-12-सतेंद्र सिंह।
एक साल से कागज जमा, नहीं मिली राशि
किसान सतेंद्र सिंह का कहना हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पंजीयन सहित पूरे कागज जमा किए एक साल हो गए। पंजीयन अधिकारी से जानकारी करने पर यही कहा जाता हैं कि पोर्टल पर है। शीघ्र पैसा खाते में आ जाएगा।
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फोटो-13-रश्मि।
नहीं मिल रही योजना का लाभ
महिला किसान रश्मि सिंह का कहना हैं कि किसानों के सम्मान में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना लागू की थी, किसानों को खुशी हुईं थी। कृषि अधिकारियों, तहसील कर्मचारियों की लापरवाही के चलते किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।
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फोटो-14-मिथलेश कुमारी।
कर्मचारी लगा रहे योजना में पलीता
महिला किसान मिथलेश कुमारी का कहना हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चालू कर किसानों के लिए सौगात दी हैं। पर अधिकारी, कर्मचारी योजना को सही ढंग से क्रियान्वयन न कर पलीता लगा रहे हैं।
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फोटो-15-अशोक सिंह।
पैसा आने की आस में पथरा रही आंखें
किसान अशोक सिंह का कहना हैं कि राजकीय बीज गोदाम से लेकर तहसील के चक्कर लगाते लगाते थक गया। एक ही जवाब दिया जाता हैं कि पोर्टल पर हैं, शीघ्र पैसा आ जाएगा। पैसा आने की आस में आंखें पथरा गई।
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बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना नवंबर 2018 में शुरू की गई थी। इसमें किसान को एक साल में 6000 रुपये दिए जाने का प्रावधान हैं। शासन के निर्देश हैं कि कोई भी किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से वंचित न रहने पाए। फिर भी तहसील क्षेत्र के किसान बैंक, राजकीय बीज गोदाम या फिर लेखपालों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों को योजना का लाभ मिलना मुश्किल हो गया हैं। किसान कृषि अधिकारियों से लेकर सरकार को कोस रहे हैं। कह रहे हैं कि लाभ नहीं देना था तो योजना चालू क्यों की थी।
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तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति का कहना है कि सभी लेखपालों को निर्देश दे दिए गए हैं कि जिसके एप पर किसानों के नाम पड़े हैं गांव से जानकारी कर शीघ्र पोर्टल पर रिपोर्ट लगा दें। शिकायत मिलने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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तीन किश्तों में मिलती है छह हजार की धनराशि
योजना के बाबत पंजीयन प्रभारी राघवेंद्र सिंह का कहना हैं कि सम्मान निधि पति, पत्नी व नाबालिग बच्चों में मुखिया को मिलती हैं। एक साल में तीन बार खातों में भेजी जाती हैं। साथ ही जिस किसान को देर से सम्मान निधि मिलनी शुरू हुई हैं, उन्हें भी पूरी किस्तें भी दी जाएगी। जो किसान भूतपूर्व संविधान पद धारक, मंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी, दस हजार से अधिक मासिक पेंशन, संस्थागत भूमिधारक सरकारी भूमि तथा एक जनवरी 2019 के बाद भूमि की रजिस्ट्री वालों को योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
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फोटो-12-सतेंद्र सिंह।
एक साल से कागज जमा, नहीं मिली राशि
किसान सतेंद्र सिंह का कहना हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पंजीयन सहित पूरे कागज जमा किए एक साल हो गए। पंजीयन अधिकारी से जानकारी करने पर यही कहा जाता हैं कि पोर्टल पर है। शीघ्र पैसा खाते में आ जाएगा।
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फोटो-13-रश्मि।
नहीं मिल रही योजना का लाभ
महिला किसान रश्मि सिंह का कहना हैं कि किसानों के सम्मान में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना लागू की थी, किसानों को खुशी हुईं थी। कृषि अधिकारियों, तहसील कर्मचारियों की लापरवाही के चलते किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।
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फोटो-14-मिथलेश कुमारी।
कर्मचारी लगा रहे योजना में पलीता
महिला किसान मिथलेश कुमारी का कहना हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चालू कर किसानों के लिए सौगात दी हैं। पर अधिकारी, कर्मचारी योजना को सही ढंग से क्रियान्वयन न कर पलीता लगा रहे हैं।
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फोटो-15-अशोक सिंह।
पैसा आने की आस में पथरा रही आंखें
किसान अशोक सिंह का कहना हैं कि राजकीय बीज गोदाम से लेकर तहसील के चक्कर लगाते लगाते थक गया। एक ही जवाब दिया जाता हैं कि पोर्टल पर हैं, शीघ्र पैसा आ जाएगा। पैसा आने की आस में आंखें पथरा गई।