कोंच(जालौन)। कोंच की रामलीला में मंगलवार रात भरत मनौआ लीला प्रसंग का संगीतमय पाठ किया गया। वनवास गए राम को मनाने भरत के चित्रकूट जाने और राम के अपनी पादुका भरत को देने का प्रसंग सुनाया गया।
लीला के मुताबिक पुत्र वियोग में दशरथ का प्राणांत हो जाता है। कुलगुरु वशिष्ठ के आदेश पर भरत और शत्रुघ्न को ननिहाल से बुलाया गया। भरत प्रजाजनों और बंधु बांधवों सहित राम को मनाने चित्रकूट के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में उनका निषाद राज गुह से संवाद होता है। पाठ गायन का शुभारंभ सीनरी विभाग के पवन अग्रवाल ने गजानन की आरती और लीला समापन प्रभु राम, जानकी और लक्ष्मण की आरती से हुआ। पाठ गायन वीरेंद्र त्रिपाठी ने किया। व्यास की भूमिका में चंद्रशेखर नगाइच रहे। इस दौरान नवनीत गुप्ता, पुरुषोत्तम दास रिछारिया, संजय सोनी, नितिन, सुधीर सोनी, रमेश तिवारी, डॉ. मृदुल दांतरे, अतुल चतुर्वेदी, संजय सिंघाल, मारुति नंदन आदि रहे।