{"_id":"6ab17c38fa041c79240626c5","slug":"orai-orai-news-cirme-orai-news-c-224-1-ori1005-150037-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: सामुदायिक शौचालय बदहाल, 2.09 लाख रुपये निकाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: सामुदायिक शौचालय बदहाल, 2.09 लाख रुपये निकाले
विज्ञापन
फोटो - 08 सामुदायिक शौचालय के टूटे गेट। संवाद
पहाड़गांव। कोंच ब्लॉक के भेंपता गांव में बदहाल पड़े सामुदायिक शौचालय के नाम पर 2.09 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के बाद से शौचालय का इस्तेमाल नहीं हुआ। इसके बावजूद मरम्मत, केयरटेकर और अन्य कार्यों के नाम पर अलग-अलग वर्षों में भुगतान कराया गया। मौके पर शौचालय की दीवारें और गेट टूटे हैं, टाइल्स उखड़े और गंदगी का अंबार लगा है।
गांव में वर्ष 2021-22 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार इसके बाद मरम्मत के नाम पर करीब 50 हजार रुपये का भुगतान कराया गया। वर्ष 2022-23 में केयरटेकर के नाम पर 30 हजार रुपये और वर्ष 2024-25 में 1,29,960 रुपये निकाले गए। इस तरह उपलब्ध विवरण के अनुसार कुल 2,09,960 रुपये का भुगतान हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय की मौजूदा हालत को देखकर साफ है कि यहां नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि हर साल रंगाई-पुताई और मरम्मत के नाम पर धनराशि निकाली जा रही है, जबकि मौके पर कोई केयरटेकर भी नहीं आता।
विज्ञापन
दीपू पटेल, शिवराम, भगवान सिंह और संजय यादव समेत ग्रामीणों ने शौचालय से जुड़े सभी भुगतानों और कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रधान और संबंधित जिम्मेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ कौशल किशोर गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
गांव में वर्ष 2021-22 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार इसके बाद मरम्मत के नाम पर करीब 50 हजार रुपये का भुगतान कराया गया। वर्ष 2022-23 में केयरटेकर के नाम पर 30 हजार रुपये और वर्ष 2024-25 में 1,29,960 रुपये निकाले गए। इस तरह उपलब्ध विवरण के अनुसार कुल 2,09,960 रुपये का भुगतान हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय की मौजूदा हालत को देखकर साफ है कि यहां नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि हर साल रंगाई-पुताई और मरम्मत के नाम पर धनराशि निकाली जा रही है, जबकि मौके पर कोई केयरटेकर भी नहीं आता।
विज्ञापन
दीपू पटेल, शिवराम, भगवान सिंह और संजय यादव समेत ग्रामीणों ने शौचालय से जुड़े सभी भुगतानों और कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रधान और संबंधित जिम्मेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ कौशल किशोर गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।

फोटो - 08 सामुदायिक शौचालय के टूटे गेट। संवाद