{"_id":"621e5cceba64330d425de27b","slug":"ukraine-news-orai-news-knp683290751","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन में गोली लगने से एक युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूक्रेन में गोली लगने से एक युवक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालौन/उरई। यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की गोली लगने से मौत के बाद से जिले के फंसे छात्रों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि छात्रा छाया के लौटने के बाद अब अन्य परिजनों में अपने बच्चों के जल्द लौटने की उम्मीद बंध गई है।
उरई के जिला महिला अस्पताल के डॉक्टर एके सिंह की बेटी सृष्टि रोमानिया बॉर्डर से मंगलवार की सुबह रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के हवाई अड्डे पर पहुंच गई है। दिल्ली के लिए सिर्फ एक फ्लाइट होने की वजह से उन्हें मंगलवार को टिकट नहीं मिल सका। इसलिए सृष्टि को शेल्टर रूम में रखा गया है। बुधवार सुबह उन्हें टिकट मिल सकता है। देर रात तक उनके घर पहुंचने की उम्मीद है।
जालौन निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार गुप्ता बताते हैं कि उनका पुत्र विकास यूक्रेन के खारकीव शहर से टैक्सी से भारतीय मित्रों के साथ रोमानिया बॉर्डर के लिए निकल चुका है। शाम तक वह बॉर्डर से 400 किलोमीटर दूर था। देर रात तक वह रोमानिया बॉर्डर पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि रोमानिया पहुंचने के बाद कुछ चिंता कम होगी।
विज्ञापन
यूक्रेन में फंसी आकृति चित्रांश के पिता शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बेटी ने फोन से बताया कि हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच चुकी है। हंगरी सरकार ने छात्र-छात्राओं को निशुल्क खाने-पीने व बसों से एयरपोर्ट पहुंचाने की व्यवस्था की है। जहां से जल्द ही भारत के लिए भेजा जाएगा। परिजन अब उसके भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।
यूक्रेन से लौटी छात्रा छाया यादव ने बताया कि घर पहुंचते ही उसने सुकून से नींद पूरी की। इसे बाद महाशिवरात्रि पर मंदिर जाकर ईश्वर से सुरक्षित घर पहुंचने का शुक्रिया किया। वहीं मां व भाभी के हाथ का बना हुआ खाना खाया। साथ ही उसके घर पर हालचाल जानने के लिए मोहल्ले वालों व सहपाठियों के साथ-साथ रिश्तेदारों के आने का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
उरई के जिला महिला अस्पताल के डॉक्टर एके सिंह की बेटी सृष्टि रोमानिया बॉर्डर से मंगलवार की सुबह रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के हवाई अड्डे पर पहुंच गई है। दिल्ली के लिए सिर्फ एक फ्लाइट होने की वजह से उन्हें मंगलवार को टिकट नहीं मिल सका। इसलिए सृष्टि को शेल्टर रूम में रखा गया है। बुधवार सुबह उन्हें टिकट मिल सकता है। देर रात तक उनके घर पहुंचने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जालौन निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार गुप्ता बताते हैं कि उनका पुत्र विकास यूक्रेन के खारकीव शहर से टैक्सी से भारतीय मित्रों के साथ रोमानिया बॉर्डर के लिए निकल चुका है। शाम तक वह बॉर्डर से 400 किलोमीटर दूर था। देर रात तक वह रोमानिया बॉर्डर पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि रोमानिया पहुंचने के बाद कुछ चिंता कम होगी।
विज्ञापन
यूक्रेन में फंसी आकृति चित्रांश के पिता शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बेटी ने फोन से बताया कि हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच चुकी है। हंगरी सरकार ने छात्र-छात्राओं को निशुल्क खाने-पीने व बसों से एयरपोर्ट पहुंचाने की व्यवस्था की है। जहां से जल्द ही भारत के लिए भेजा जाएगा। परिजन अब उसके भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।
यूक्रेन से लौटी छात्रा छाया यादव ने बताया कि घर पहुंचते ही उसने सुकून से नींद पूरी की। इसे बाद महाशिवरात्रि पर मंदिर जाकर ईश्वर से सुरक्षित घर पहुंचने का शुक्रिया किया। वहीं मां व भाभी के हाथ का बना हुआ खाना खाया। साथ ही उसके घर पर हालचाल जानने के लिए मोहल्ले वालों व सहपाठियों के साथ-साथ रिश्तेदारों के आने का तांता लगा रहा।

सुकुन से बेठी अपने परिवार के साथ छाया यादव।- फोटो : ORAI