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Jalaun News: चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को छह-छह साल की कैद
Wed, 20 Mar 2024 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:58 AM IST
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उरई। धोखाधड़ी कर कंपनी के नाम से रुपये गबन करने का दोष सिद्ध होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू यादव ने दो चिटफंड कंपनी के कर्मचारियों को छह-छह साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर साढ़े 13-साढ़े 13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन अधिकारी कंदप्रेस द्विवेदी ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसीनगर निवासी लक्ष्मी देवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 21 दिसंबर 2011 से सात जुलाई 2013 तक स्टेशन रोड पर ईसीजी नाम से एक चिटफंड कंपनी में लाखों रुपये जमा किए थे। भोले भाले लोगों को दोगुने रुपये लौटाने का आश्वासन देकर रुपये जमा करवाए और रुपये लौटाने का समय पूरा होने पर रातों-रात कंपनी समेट कर गायब हो गए। निवेशकों का करोड़ों रुपए खा गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।
पुलिस ने कंपनी से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की तो करुणेश शर्मा थाना कोतवाली सहारनपुर, अमनदीप नई दिल्ली द्वारका रोड का नाम सामने आया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का रुपये गबन करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में 8 सितंबर 2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों की अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए छह छह साल की सजा सुनाई। 27 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक, इसके पहले भी इन दोनों आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है।
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अभियोजन अधिकारी कंदप्रेस द्विवेदी ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसीनगर निवासी लक्ष्मी देवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 21 दिसंबर 2011 से सात जुलाई 2013 तक स्टेशन रोड पर ईसीजी नाम से एक चिटफंड कंपनी में लाखों रुपये जमा किए थे। भोले भाले लोगों को दोगुने रुपये लौटाने का आश्वासन देकर रुपये जमा करवाए और रुपये लौटाने का समय पूरा होने पर रातों-रात कंपनी समेट कर गायब हो गए। निवेशकों का करोड़ों रुपए खा गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।
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पुलिस ने कंपनी से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की तो करुणेश शर्मा थाना कोतवाली सहारनपुर, अमनदीप नई दिल्ली द्वारका रोड का नाम सामने आया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का रुपये गबन करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर देने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में 8 सितंबर 2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों की अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए छह छह साल की सजा सुनाई। 27 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक, इसके पहले भी इन दोनों आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है।
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