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पांच साल से नलकूप खराब , किसान परेशान
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जालौन। गायर में लगा सरकारी ट्यूबवेल पांच वर्ष से खराब पड़ा है। ट्यूबवेल खराब होने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। परेशान किसानों ने डीएम से इसे ठीक कराने की मांग की है।
विकास खंड के गांव गायर के तालाब को भरने व सिंचाई के लिए किसानों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2007-08 में गायर में सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था। बीआरजीएफ योजना के तहत 9 लाख 44 हजार की लागत से इसका निर्माण कराया गया। ट्यूबवेल लगने के बाद ग्रामीणों को सिंचाई में सहायता मिली और गर्मी में तालाब भरा जाने लगा। तब गर्मी में पशु-पक्षियों को पीने का पानी मिलने लगा था। करीब पांच साल पहले यह खराब हो गया और तब से जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। यही वजह है कि गर्मी में गांव का तालाब सूखा पड़ा है एवं पशु-पक्षी भी पानी के लिए बेहाल हैं।
किसान तारा सिंह, नीतू निरंजन, चेतन पटेल, राजकुमार, गुलाब निरंजन, अजय कहते हैं कि उन्होंने ट्यूबवेल को ठीक कराने के लिए कई बार सचिव व तत्कालीन प्रधान के अलावा सिंचाई विभाग से कहा पर नतीजा सिफर रहा। अब किसानों ने डीएम से मांग की है कि खराब पड़े ट्यूबवेल को सही कराया जाए। इस बाबत बीडीओ महिमा विद्यार्थी ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ट्यूबवेल खराब है तो वह रिपोर्ट बनवाकर भेजेंगी और उसे सही कराया जाएगा।
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विकास खंड के गांव गायर के तालाब को भरने व सिंचाई के लिए किसानों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2007-08 में गायर में सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था। बीआरजीएफ योजना के तहत 9 लाख 44 हजार की लागत से इसका निर्माण कराया गया। ट्यूबवेल लगने के बाद ग्रामीणों को सिंचाई में सहायता मिली और गर्मी में तालाब भरा जाने लगा। तब गर्मी में पशु-पक्षियों को पीने का पानी मिलने लगा था। करीब पांच साल पहले यह खराब हो गया और तब से जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। यही वजह है कि गर्मी में गांव का तालाब सूखा पड़ा है एवं पशु-पक्षी भी पानी के लिए बेहाल हैं।
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किसान तारा सिंह, नीतू निरंजन, चेतन पटेल, राजकुमार, गुलाब निरंजन, अजय कहते हैं कि उन्होंने ट्यूबवेल को ठीक कराने के लिए कई बार सचिव व तत्कालीन प्रधान के अलावा सिंचाई विभाग से कहा पर नतीजा सिफर रहा। अब किसानों ने डीएम से मांग की है कि खराब पड़े ट्यूबवेल को सही कराया जाए। इस बाबत बीडीओ महिमा विद्यार्थी ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ट्यूबवेल खराब है तो वह रिपोर्ट बनवाकर भेजेंगी और उसे सही कराया जाएगा।
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