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ओएचई का तार टूटा, दो घंटे प्रभावित रहा यातायात
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उरई। कानपुर झांसी रेलमार्ग के कालपी स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब ओएचई का तार टूट कर लटक गया। इससे सप्लाई बंद हो गई और ट्रेनें खड़ी हो गईं। कालपी स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात स्टेशन अधीक्षक वीके गुप्ता ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम और टीआरडी विभाग को दी। मौके पर पहुंची टीम ने करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को ठीक किया। तब जाकर ट्रेनों का यातायात बहाल हो सका।
बता दें कि शुक्रवार की सुबह 7.55 बजे कालपी स्टेशन पर अचानक बंदरों का झुंड तार से लटक गया। इसके चलते इंसुलेटर से तार टूट गया और बिजली की सप्लाई बंद हो गई। इससे हड़कंप मच गया और ट्रेनें अपने-अपने सेक्शन में खड़ी हो गई। जिसमें गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संतकबीरनगर एक्सप्रेस, कानपुर से वलसाड जाने वाली उद्योग नगरी एक्सप्रेस, वीरांगना लक्ष्मीबाई से लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित तीन यात्री ट्रेनें और तीन मालगाड़ियां प्रभावित हुई।
सूचना पर पहुंची टीम ने तार को ठीक किया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर टीआरडी रामाश्रय सिंह, यातायात निरीक्षक सुमन कुमार, आरपीएफ दरोगा अरविंद कुमार यादव के साथ संयुक्त नोट बनाकर कुछ अधिकारियों को अवगत करा दिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि बंदरों की उछलकूद से इंसुलेटर टूटा है। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और न ही जांच पड़ताल में कोई आपराधिक मामला सामने आया है। तीन सदस्यीय टीम ने मिलकर संयुक्त रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है।
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बता दें कि शुक्रवार की सुबह 7.55 बजे कालपी स्टेशन पर अचानक बंदरों का झुंड तार से लटक गया। इसके चलते इंसुलेटर से तार टूट गया और बिजली की सप्लाई बंद हो गई। इससे हड़कंप मच गया और ट्रेनें अपने-अपने सेक्शन में खड़ी हो गई। जिसमें गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संतकबीरनगर एक्सप्रेस, कानपुर से वलसाड जाने वाली उद्योग नगरी एक्सप्रेस, वीरांगना लक्ष्मीबाई से लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित तीन यात्री ट्रेनें और तीन मालगाड़ियां प्रभावित हुई।
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सूचना पर पहुंची टीम ने तार को ठीक किया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर टीआरडी रामाश्रय सिंह, यातायात निरीक्षक सुमन कुमार, आरपीएफ दरोगा अरविंद कुमार यादव के साथ संयुक्त नोट बनाकर कुछ अधिकारियों को अवगत करा दिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि बंदरों की उछलकूद से इंसुलेटर टूटा है। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और न ही जांच पड़ताल में कोई आपराधिक मामला सामने आया है। तीन सदस्यीय टीम ने मिलकर संयुक्त रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है।
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