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Jalaun News: ट्रैक मरम्मत के चलते ट्रेनों का संचालन बाधित
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फोटो-16-प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस। संवाद
लंबी दूरी की कई ट्रेनें घंटों देर से पहुंच रहीं, लेटलतीफी से यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। कानपुर गंगापुल पर चल रहे ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित होने से मुंबई, गोरखपुर, लखनऊ, सीतापुर, बलरामपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को पिछले एक महीने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रेलवे के अनुसार दो अप्रैल से 14 मई तक गंगापुल पर ट्रैक मरम्मत का कार्य चल रहा है जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मरम्मत कार्य की वजह से कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। शनिवार को मुंबई की ओर से आने वाली कई ट्रेनें घंटों विलंब से उरई स्टेशन पहुंचीं।
तिरुपति से छपरा जाने वाली समर स्पेशल ट्रेन नौ घंटा 28 मिनट, हैदराबाद से गोरखपुर जाने वाली डेक्कन एक्सप्रेस पांच घंटा 45 मिनट, यशवंतपुर से गोरखपुर जाने वाली यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस आठ घंटा 47 मिनट देरी से आई। इसके अलावा बनारस से मुंबई जाने वाली दैनिक स्पेशल ट्रेन दो घंटा 39 मिनट, पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे के बजाय तीन घंटा 47 मिनट की देरी से पहुंची।
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वहीं उधना से सूबेदारगंज स्पेशल भी एक घंटा 10 मिनट विलंब से आई। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रियों का कहना है कि जो ट्रेनें सुबह या दोपहर तक गंतव्य पहुंचनी चाहिए, वे दूसरे दिन रात तक पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को स्टेशन और प्लेटफार्म पर रात गुजारनी पड़ रही है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कानपुर गंगापुल पर डाउन लाइन का मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन सामान्य और सुगम हो जाएगा।
इनसेट
वेंडरों का होगा मेडिकल और पुलिस सत्यापन
उरई। रेलवे स्टेशन पर कैंटीनों में काम करने वाले वेंडरों को अब मेडिकल और पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। रेल प्रशासन की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर संचालित कैंटीनों के संचालकों से वहां कार्यरत वेंडरों की पूरी जानकारी मांगी गई है। संचालकों को बताना होगा कि उनके यहां कितने वेंडर काम कर रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक ने बताया कि कैंटीन संचालकों को 15 दिन के भीतर मेडिकल और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। सत्यापन के बाद सही और पात्र लोगों को ही स्टेशन परिसर में काम करने की अनुमति दी जाएगी। (संवाद)
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लंबी दूरी की कई ट्रेनें घंटों देर से पहुंच रहीं, लेटलतीफी से यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। कानपुर गंगापुल पर चल रहे ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित होने से मुंबई, गोरखपुर, लखनऊ, सीतापुर, बलरामपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को पिछले एक महीने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रेलवे के अनुसार दो अप्रैल से 14 मई तक गंगापुल पर ट्रैक मरम्मत का कार्य चल रहा है जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मरम्मत कार्य की वजह से कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। शनिवार को मुंबई की ओर से आने वाली कई ट्रेनें घंटों विलंब से उरई स्टेशन पहुंचीं।
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तिरुपति से छपरा जाने वाली समर स्पेशल ट्रेन नौ घंटा 28 मिनट, हैदराबाद से गोरखपुर जाने वाली डेक्कन एक्सप्रेस पांच घंटा 45 मिनट, यशवंतपुर से गोरखपुर जाने वाली यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस आठ घंटा 47 मिनट देरी से आई। इसके अलावा बनारस से मुंबई जाने वाली दैनिक स्पेशल ट्रेन दो घंटा 39 मिनट, पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे के बजाय तीन घंटा 47 मिनट की देरी से पहुंची।
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वहीं उधना से सूबेदारगंज स्पेशल भी एक घंटा 10 मिनट विलंब से आई। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रियों का कहना है कि जो ट्रेनें सुबह या दोपहर तक गंतव्य पहुंचनी चाहिए, वे दूसरे दिन रात तक पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को स्टेशन और प्लेटफार्म पर रात गुजारनी पड़ रही है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कानपुर गंगापुल पर डाउन लाइन का मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन सामान्य और सुगम हो जाएगा।
इनसेट
वेंडरों का होगा मेडिकल और पुलिस सत्यापन
उरई। रेलवे स्टेशन पर कैंटीनों में काम करने वाले वेंडरों को अब मेडिकल और पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। रेल प्रशासन की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर संचालित कैंटीनों के संचालकों से वहां कार्यरत वेंडरों की पूरी जानकारी मांगी गई है। संचालकों को बताना होगा कि उनके यहां कितने वेंडर काम कर रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक ने बताया कि कैंटीन संचालकों को 15 दिन के भीतर मेडिकल और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। सत्यापन के बाद सही और पात्र लोगों को ही स्टेशन परिसर में काम करने की अनुमति दी जाएगी। (संवाद)