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Jalaun News: 50 लाख रुपये की प्रतिदिन टोल वसूली, फिर भी सड़क में गड्ढे
Wed, 26 Mar 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:38 AM IST
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उरई। जिले में स्थापित दो टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब दस हजार वाहन निकलते हैं। इनसे लाखों रुपये की टोल वसूली की जाती है। लेकिन, इसके बाद भी हाईवे बदहाल है। बड़े-बड़े गड्ढे होने से यहां आए दिन हादसे होते हैं। सड़क इतनी टूटी है कि गुजरने वाले वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का भय सताता रहता है। ऐसा लगता है कि जैसे वह किसी ग्रामीण सड़क से होकर गुजर रहे हैं।
जिले की सीमा कालपी से शुरू होकर एट के पिरौना पर खत्म हो जाती है। करीब साठ किलोमीटर की इस दूरी में दो टोल आटा व एट पड़ते हैं। इन दोनों टोलों से प्रतिदिन करीब दस हजार वाहन गुजरते हैं। इनसे करीब पचास लाख रुपये की टोल की वसूली की जाती है। कार निकलने पर 110 व बड़े वाहन निकलने पर चार सौ से लेकर 665 रुपये तक वसूले जाते हैं।
इतना टोल वसूलने के बावजूद सड़क की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। कालपी से चलने पर चौरासी गुंबद के पास सड़क बदहाल पड़ी है। इसके आगे जैसे ही निकलो तो आटा के चमारी के पास सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसके साथ ही उरई से लेकर एट तक करीब तीन जगहों पर सड़क से गिट्टी एकदम से गायब हो गई है। यहां जैसे ही वाहन पहुंचते हैं तो उनकी गति में ब्रेक लग जाता है। कई बार वाहन चालक इन गड्ढों को देख नहीं पाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। चालकों का कहना है कि उनसे टोल तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। ऐसा लगता है कि वह हाईवे पर नहीं साधारण सड़क पर चल रहे हैं।
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टोल मैनेजर आटा अनिकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हाईवे में किसी भी समस्या के लिए एनएचएआई की टीम लगी रहती है। सड़क को भी खराब होते ही सही करवा दिया जाता है। अगर कहीं स्थिति खराब है, तो उसे सही करवा दिया जाएगा।
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जिले की सीमा कालपी से शुरू होकर एट के पिरौना पर खत्म हो जाती है। करीब साठ किलोमीटर की इस दूरी में दो टोल आटा व एट पड़ते हैं। इन दोनों टोलों से प्रतिदिन करीब दस हजार वाहन गुजरते हैं। इनसे करीब पचास लाख रुपये की टोल की वसूली की जाती है। कार निकलने पर 110 व बड़े वाहन निकलने पर चार सौ से लेकर 665 रुपये तक वसूले जाते हैं।
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इतना टोल वसूलने के बावजूद सड़क की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। कालपी से चलने पर चौरासी गुंबद के पास सड़क बदहाल पड़ी है। इसके आगे जैसे ही निकलो तो आटा के चमारी के पास सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसके साथ ही उरई से लेकर एट तक करीब तीन जगहों पर सड़क से गिट्टी एकदम से गायब हो गई है। यहां जैसे ही वाहन पहुंचते हैं तो उनकी गति में ब्रेक लग जाता है। कई बार वाहन चालक इन गड्ढों को देख नहीं पाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। चालकों का कहना है कि उनसे टोल तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। ऐसा लगता है कि वह हाईवे पर नहीं साधारण सड़क पर चल रहे हैं।
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टोल मैनेजर आटा अनिकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हाईवे में किसी भी समस्या के लिए एनएचएआई की टीम लगी रहती है। सड़क को भी खराब होते ही सही करवा दिया जाता है। अगर कहीं स्थिति खराब है, तो उसे सही करवा दिया जाएगा।