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जहरखुरानी रोकने के लिए बनेगी टीम-आईजी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:03 PM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते आईजी जोन जकी अहमद।
- फोटो : अमर उजाला
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आईजी कानपुर जोन जकी अहमद ने शनिवार को यहां कहा कि जहरखुरानी ऐसा अपराध है जिसमें आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग जाते हैं। उनके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती और वह बेखौफ होकर अपराध करते रहते हैं। उनके खिलाफ पुलिस अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके लिए जालौन, कानपुर देहात, इटावा व औरैया के पुलिस
अधीक्षकाें की टीम बनाई जाएगी। वे पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि सभी को निर्देश दिए गए हैं कि जहरखुरानी पीड़ित जहां चाहे पुलिस रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई करे। वह घटना स्थल का हवाला देकर टरकाए नहीं। उन्हाेंने कहा कि देखने में आ रहा है कि थाना व कोतवाली से समस्याआें का निस्तारण ठीक से नहीं हो
रहा है। ऐसे थानेदाराें व कोतवालाें के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा है कि 99 फीसदी समस्याआें का निस्तारण वहीं हो। एक सवाल के जवाब में उन्हाेंने कहा कि महिलाओं और लड़कियाें पर हिंसा न होने पाए। अगर कोई वारदात हो जाती है तो पुलिस आरोपियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। कहा कि अगर कोई महिला
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पुरुष का उत्पीड़न करती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्हाेंने कहा कि जिले में कई अपराध अभी खुले नहीं है। इनके लिए अल्टीमेटम दिया गया है। खुलासा नहीं होने पर प्रभारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। आईजी ने इसके पूर्व पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। इसके बाद मातहतों की बैठक ली। इस दौरान उरई, जालौन व कालपी कोतवाली प्रभारियाें
को वारदातों के खुलासे और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण न करने पर फटकार लगाई और चेतावनी दी कि वह लूट व अन्य वारदाताें का खुलासा करें। इस दौरान डीआईजी शरद सचान, एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी, एएसपी शकील अहमद आदि पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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अधीक्षकाें की टीम बनाई जाएगी। वे पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि सभी को निर्देश दिए गए हैं कि जहरखुरानी पीड़ित जहां चाहे पुलिस रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई करे। वह घटना स्थल का हवाला देकर टरकाए नहीं। उन्हाेंने कहा कि देखने में आ रहा है कि थाना व कोतवाली से समस्याआें का निस्तारण ठीक से नहीं हो
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रहा है। ऐसे थानेदाराें व कोतवालाें के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शासन की मंशा है कि 99 फीसदी समस्याआें का निस्तारण वहीं हो। एक सवाल के जवाब में उन्हाेंने कहा कि महिलाओं और लड़कियाें पर हिंसा न होने पाए। अगर कोई वारदात हो जाती है तो पुलिस आरोपियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। कहा कि अगर कोई महिला
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पुरुष का उत्पीड़न करती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्हाेंने कहा कि जिले में कई अपराध अभी खुले नहीं है। इनके लिए अल्टीमेटम दिया गया है। खुलासा नहीं होने पर प्रभारी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। आईजी ने इसके पूर्व पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। इसके बाद मातहतों की बैठक ली। इस दौरान उरई, जालौन व कालपी कोतवाली प्रभारियाें
को वारदातों के खुलासे और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण न करने पर फटकार लगाई और चेतावनी दी कि वह लूट व अन्य वारदाताें का खुलासा करें। इस दौरान डीआईजी शरद सचान, एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी, एएसपी शकील अहमद आदि पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।