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Jalaun News: ग्राम प्रधान ने छात्राओं ने लिए लगवाया निशुल्क ई-रिक्शा
Wed, 01 Jan 2025 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 01 Jan 2025 12:04 AM IST
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जालौन। ग्राम प्रधान मलकपुरा ने कक्षा नौ से बारहवीं तक बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने के लिए ज्योतिर्गमय ई-रिक्शा की निशुल्क शुरूआत की गई है। प्रधान अमित शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूचि रखते हैं। शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखते हैं। गांव में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की शिक्षा की सुविधा है।
आठवीं पास होने के बाद बच्चों को करीब दो किमी दूर छिरिया सलेमपुर स्थित इंटर कॉलेज अथवा अन्य जगहों पर शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाना पड़ता है। जिन छात्र-छात्राओं के पास साइकिल आदि की सुविधा है या परिजनों के पास बाइक आदि है तो वह तो अपने बच्चों को विद्यालय पहुंचा देते हैं। अन्य छात्र-छात्राएं पैदल ही दो किमी दूर छिरिया सलेमपुर गांव स्थित इंटर कॉलेज जाते हैं। कई बार तबीयत खराब होने पर दिक्कत भी आती है।
ऐसे में बच्चों की सुविधा के लिए ग्राम प्रधान ने ज्योतिर्गमय ई रिक्शा की शुरूआत की है। शिक्षा को समर्पित इस ई रिक्शा में एक ओर भारत में सन 1848 में बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोलने वाली महिला सावित्री बाई फुले और उनकी सहयोगी और अपने समुदाय की पहली शिक्षिका फातिमा शेख की तस्वीर लगाई गई है तो दूसरी ओर वर्ष 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. कलाम व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर लगाई गई है। जिनके कार्यकाल में संविधान संशोधन के माध्यम से शिक्षा का अधिकार, मूलाधिकार बनाया। प्रधान ने बताया कि अभी ई-रिक्शा में 12 छात्राओं के लिए व्यवस्था है। ई रिक्शा सुबह 9ः05 बजे छिरिया सलेमपुर जाता है और वहां से 2ः35 बजे छात्राओं को वापस लेकर आता है। जरूरत पर ई-रिक्शा के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
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आठवीं पास होने के बाद बच्चों को करीब दो किमी दूर छिरिया सलेमपुर स्थित इंटर कॉलेज अथवा अन्य जगहों पर शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाना पड़ता है। जिन छात्र-छात्राओं के पास साइकिल आदि की सुविधा है या परिजनों के पास बाइक आदि है तो वह तो अपने बच्चों को विद्यालय पहुंचा देते हैं। अन्य छात्र-छात्राएं पैदल ही दो किमी दूर छिरिया सलेमपुर गांव स्थित इंटर कॉलेज जाते हैं। कई बार तबीयत खराब होने पर दिक्कत भी आती है।
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ऐसे में बच्चों की सुविधा के लिए ग्राम प्रधान ने ज्योतिर्गमय ई रिक्शा की शुरूआत की है। शिक्षा को समर्पित इस ई रिक्शा में एक ओर भारत में सन 1848 में बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोलने वाली महिला सावित्री बाई फुले और उनकी सहयोगी और अपने समुदाय की पहली शिक्षिका फातिमा शेख की तस्वीर लगाई गई है तो दूसरी ओर वर्ष 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. कलाम व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर लगाई गई है। जिनके कार्यकाल में संविधान संशोधन के माध्यम से शिक्षा का अधिकार, मूलाधिकार बनाया। प्रधान ने बताया कि अभी ई-रिक्शा में 12 छात्राओं के लिए व्यवस्था है। ई रिक्शा सुबह 9ः05 बजे छिरिया सलेमपुर जाता है और वहां से 2ः35 बजे छात्राओं को वापस लेकर आता है। जरूरत पर ई-रिक्शा के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
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