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Jalaun News: चुनावी बिसात पर चला कानून व्यवस्था का ट्रंप कार्ड
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उरई। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के सबसे मजबूत राजनीतिक मुद्दे कानून व्यवस्था को फिर केंद्र में ला दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला और वर्तमान सरकार की उपलब्धियों को उससे जोड़ते हुए जनता के सामने भाजपा का चुनावी नैरेटिव रखने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि लोग कहते थे कि एक सपाई-बिटिया घबराई। शाम होते ही बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है। अब बेटियां बिना किसी भय के शिक्षा, नौकरी और अन्य कार्यों के लिए किसी भी समय घर से बाहर आ-जा रही हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने पुराने और चर्चित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद कहा गया था कि माफिया को मिट्टी में मिला देंगे और आज प्रदेश की जनता देख रही है कि अपराधियों और माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की जो जगह है, उन्हें वहीं पहुंचाया जा रहा है और कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। कहा कि पहले अपराधी सत्ता के संरक्षण में खुलेआम घूमते थे, जिससे आम नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर था। आज अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है और कानून का राज स्थापित हुआ है।
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उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक की सुरक्षा और महिलाओं का सम्मान है तथा इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का पूरा भाषण इस बात का संकेत देता रहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कानून व्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। विकास कार्यों का उल्लेख करने के साथ उन्होंने बार-बार कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और माफिया के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पिछले चुनावों की तरह इस बार भी अपने कोर वोटरों को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर एकजुट करने की कोशिश में जुटी है। (संवाद)
विकास और सुरक्षा साथ चलाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह संदेश देने का भी प्रयास किया कि प्रदेश में विकास और सुरक्षा साथ-साथ चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास तभी संभव है, जब कानून व्यवस्था मजबूत हो। इसी कारण सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति और चुनावी संदेश भी साफ तौर पर दिखाई दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि लोग कहते थे कि एक सपाई-बिटिया घबराई। शाम होते ही बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है। अब बेटियां बिना किसी भय के शिक्षा, नौकरी और अन्य कार्यों के लिए किसी भी समय घर से बाहर आ-जा रही हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
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मुख्यमंत्री ने अपने पुराने और चर्चित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद कहा गया था कि माफिया को मिट्टी में मिला देंगे और आज प्रदेश की जनता देख रही है कि अपराधियों और माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की जो जगह है, उन्हें वहीं पहुंचाया जा रहा है और कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। कहा कि पहले अपराधी सत्ता के संरक्षण में खुलेआम घूमते थे, जिससे आम नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर था। आज अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है और कानून का राज स्थापित हुआ है।
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उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक की सुरक्षा और महिलाओं का सम्मान है तथा इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का पूरा भाषण इस बात का संकेत देता रहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कानून व्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। विकास कार्यों का उल्लेख करने के साथ उन्होंने बार-बार कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और माफिया के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पिछले चुनावों की तरह इस बार भी अपने कोर वोटरों को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर एकजुट करने की कोशिश में जुटी है। (संवाद)
विकास और सुरक्षा साथ चलाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह संदेश देने का भी प्रयास किया कि प्रदेश में विकास और सुरक्षा साथ-साथ चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास तभी संभव है, जब कानून व्यवस्था मजबूत हो। इसी कारण सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति और चुनावी संदेश भी साफ तौर पर दिखाई दिया।