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Jalaun News: 25 हजार की आबादी एक सफाईकर्मी भरोसे सफाई व्यवस्था
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फोटो 25- परासन गांव में रास्ते में हुई कीचड़। संवाद
आटा। कदौरा ब्लाक के ग्राम पंचायत परासन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पंचायत में चार सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद पूरे गांव की जिम्मेदारी एक सफाईकर्मी पर ही टिकी हुई है। जिम्मेदार जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
परासन पंचायत के साथ अलमोरी डेरा, सरसई डेरा, मोहरदेवी डेरा, भड़रा डेरा, कुनहेटा और कुइयाझोर जैसे छोटे-छोटे छह गांव भी जुड़े हुए हैं। इन सभी को मिलाकर कुल आबादी लगभग 25 हजार के करीब है। इतनी बड़ी आबादी की सफाई व्यवस्था एक कर्मी के भरोसे चलना ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। गांव की गलियां और रास्ते कीचड़ और गंदगी से पटे पड़े हैं। परासन पंचायत सचिव कुणाल प्रताप सिंह ने बताया कि करीब एक साल से यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने माना कि सफाई व्यवस्था खराब है और शिकायतें लगातार आ रही हैं।
सचिव ने कहा कि इस विषय पर उच्च अधिकारियों से बात कर सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन सफाई कर्मी जिले से जुड़े हुए हैं इसलिए समस्या ज्यादा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तैनात सफाई कर्मी गांव में आते ही नहीं हैं। परासन के सुनील, भड़रा डेरा के राजेश, अलमोरी डेरा के राकेश निषाद और कुइयाझोर के तिरवेंद्र ने बताया कि महीनों से किसी सफाईकर्मी को गांव में सफाई करते नहीं देखा गया। उनका कहना है कि गलियों की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। नालियां जाम हैं, कीचड़ और बदबू से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सफाईकर्मियों को गांवों में भेजा जाए, ताकि सफाई व्यवस्था सुधर सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मजबूर होकर वह आंदोलन करेंगे। गंदगी के कारण परासन पंचायत के लोग रोजाना गंभीर परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
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जानकारी मिली है। परासन गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल है, तो सफाईकर्मी की संख्या को बढ़ाई जाएगी,जिससे सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
राम अयोध्या प्रसाद, डीपीआरओ
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परासन पंचायत के साथ अलमोरी डेरा, सरसई डेरा, मोहरदेवी डेरा, भड़रा डेरा, कुनहेटा और कुइयाझोर जैसे छोटे-छोटे छह गांव भी जुड़े हुए हैं। इन सभी को मिलाकर कुल आबादी लगभग 25 हजार के करीब है। इतनी बड़ी आबादी की सफाई व्यवस्था एक कर्मी के भरोसे चलना ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। गांव की गलियां और रास्ते कीचड़ और गंदगी से पटे पड़े हैं। परासन पंचायत सचिव कुणाल प्रताप सिंह ने बताया कि करीब एक साल से यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने माना कि सफाई व्यवस्था खराब है और शिकायतें लगातार आ रही हैं।
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सचिव ने कहा कि इस विषय पर उच्च अधिकारियों से बात कर सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन सफाई कर्मी जिले से जुड़े हुए हैं इसलिए समस्या ज्यादा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तैनात सफाई कर्मी गांव में आते ही नहीं हैं। परासन के सुनील, भड़रा डेरा के राजेश, अलमोरी डेरा के राकेश निषाद और कुइयाझोर के तिरवेंद्र ने बताया कि महीनों से किसी सफाईकर्मी को गांव में सफाई करते नहीं देखा गया। उनका कहना है कि गलियों की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। नालियां जाम हैं, कीचड़ और बदबू से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सफाईकर्मियों को गांवों में भेजा जाए, ताकि सफाई व्यवस्था सुधर सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मजबूर होकर वह आंदोलन करेंगे। गंदगी के कारण परासन पंचायत के लोग रोजाना गंभीर परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
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जानकारी मिली है। परासन गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल है, तो सफाईकर्मी की संख्या को बढ़ाई जाएगी,जिससे सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
राम अयोध्या प्रसाद, डीपीआरओ