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समस्या बना रेलवे का अंडरपास
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Fri, 02 Oct 2015 11:54 PM IST
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रेलवे का अंडरपास कालपी क्षेत्र के उद्यमियों के लिए समस्या बन गया है। यही वजह है कि यहां का इंडस्ट्रियल एरिया विकसित नहीं हो पा रहा है। उद्यमियों का कहना है कि जब इंडस्ट्रियल एरिया घोषित किया गया था, तभी यह समस्या उठाई गई थी।
जिला प्रशासन ने रेलवे से बात कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, पर आज तक कुछ भी नहीं हुआ। ऐसे में इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग लगाए उद्यमी पछता रहे हैं।वर्ष 2000 में कालपी तहसील परिसर के पीछे अहमदपुर दिवारा मौजे को इंडस्ट्रियल एरिया घोषित किया गया था।
यहां पर आने के लिए रेलवे के अंडरपास से होकर आना पड़ता है। अंडरपास होने की वजह से उद्यमियों के माल की ट्रकों से ढुलाई नहीं हो पाती। इससे उन्हें कच्चे व बने माल की शिफ्टिंग करानी पड़ती है। उद्यमी कहते हैं कि इससे माल भाड़ा 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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उद्यमी नवीन गुप्ता, नरेंद्र तिवारी, कुलदीप शुक्ला, राजकुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, श्रीकांत सिंह, दिनेश गुप्ता व पंकज पांडेय का कहना है कि जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी कई मर्तबा यह मामला उठाया गया, पर आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी व वर्तमान सांसद भानू प्रताप वर्मा भी उद्यमियों को इस समस्या से निजात दिलाने का वादा करते रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा। उद्यमियों का कहना है कि इस समय रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम चल रहा है। रेलवे के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जा सकता है।
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जिला प्रशासन ने रेलवे से बात कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, पर आज तक कुछ भी नहीं हुआ। ऐसे में इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग लगाए उद्यमी पछता रहे हैं।वर्ष 2000 में कालपी तहसील परिसर के पीछे अहमदपुर दिवारा मौजे को इंडस्ट्रियल एरिया घोषित किया गया था।
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यहां पर आने के लिए रेलवे के अंडरपास से होकर आना पड़ता है। अंडरपास होने की वजह से उद्यमियों के माल की ट्रकों से ढुलाई नहीं हो पाती। इससे उन्हें कच्चे व बने माल की शिफ्टिंग करानी पड़ती है। उद्यमी कहते हैं कि इससे माल भाड़ा 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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उद्यमी नवीन गुप्ता, नरेंद्र तिवारी, कुलदीप शुक्ला, राजकुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, श्रीकांत सिंह, दिनेश गुप्ता व पंकज पांडेय का कहना है कि जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी कई मर्तबा यह मामला उठाया गया, पर आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी व वर्तमान सांसद भानू प्रताप वर्मा भी उद्यमियों को इस समस्या से निजात दिलाने का वादा करते रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा। उद्यमियों का कहना है कि इस समय रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम चल रहा है। रेलवे के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जा सकता है।