फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   The playground has been in bad shape for two years, players are worried

Jalaun News: दो साल से बदहाल पड़ा खेल मैदान, खिलाड़ी परेशान

Thu, 26 Dec 2024 02:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 02:38 AM IST
विज्ञापन
The playground has been in bad shape for two years, players are worried
आटा। कस्बे की छिपी प्रतिभाओं को निखारने के लिए आटा के खेल मैदान को ग्राम पंचायत निधि द्वारा पांच वर्ष पहले बनवाया गया था। इसमें करीब सात लाख रुपये खर्च किए गए थे। जिम्मेदारों की अनदेखी से खेल मैदान की वर्तमान हालत जंगल जैसी हो गई है।
विज्ञापन

डकोर ब्लॉक के आटा में युवाओं को शारीरिक रूप से दक्ष बनाने के लिए ग्राम पंचायत निधि से सात लाख की लागत से एक मैदान बनाया गया था। अधिकारियों का कहना था कि इस निर्माण के बाद यहां से प्रतिभाएं सामने आएंगी, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से यहां बबूल के पेड़ उग आए हैं। मैदान में खिलाड़ियों के लिए एक कमरा बना हुआ है, उसमें भी गंदगी पसरी हुई है।
विज्ञापन

मैदान के चारों तरफ लगाई गई तार फेंसिंग टूट जाने से लोग उसे उठाकर ले गए हैं। देखरेख न होने से मैदान में गड्ढे हो गए हैं। इसमें वर्तमान में पानी भरा हुआ है। इससे कोई भी खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहा है। लोगों ने बताया कि आटा में बने खेल मैदान का उद्घाटन पिछली पंचवर्षीय में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने किया था। इसके बाद मैदान का सुंदरीकरण कार्य शुरू हुआ। कुछ दिनों तक देखरेख भी हुई। इसके बाद जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली तो खेल मैदान जंगल में तब्दील हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



अभ्यास तो छोड़ो, खड़ा होना मुश्किल
आटा के खिलाड़ी रमन राजपूत ने बताया कि आटा कस्बे में एक ही खेल मैदान ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया गया था। अनदेखी के कारण उसमें भी अब खेल नहीं हो सकते। मैदान में बबूल के पेड़ खड़े हैं, खेलना तो छोड़ो वहां खड़ा होना भी मुश्किल है। इस पर ब्लॉक में बैठे अधिकारियों और ग्राम प्रधान को ध्यान देना चाहिए।


दो साल से नहीं जा रहे मैदान

आटा के खिलाड़ी महेंद्र सिंह ने बताया कि आटा कस्बे में बने खेल मैदान में सभी सुविधाएं होनी चाहिए, जिससे कस्बे के साथ आसपास के खिलाड़ी खेल पाएं। दो साल से मैदान पर खिलाड़ी खेलने के लिए नहीं जाते। मैदान में बड़े-बड़े बबूल के पेड़ खड़े हुए हैं।



बीडीओ कदौरा अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है। मौके पर जाकर खेल मैदान का निरीक्षण किया जाएगा। सर्वे कर बजट दिया जाएगा। खेल मैदान को खिलाड़ियों के खेलने योग्य बनवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed