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Jalaun News: जगनेवा कांड के फरार आरोपी का नेटवर्क कई गांवों तक फैला

Sun, 17 May 2026 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 12:15 AM IST
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The network of the absconding accused in the Jagneva case spread to many villages.
उरई। जगनेवा गांव में बंधुआ मजदूरी के मामले के चार मजदूर मुक्त कराने के मामले में फरार मुख्य आरोपी अवधेश उर्फ बबलू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसका नेटवर्क कई गांवों तक फैला हो सकता है। पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है। आरोपी के पिता हरिहर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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मुक्त कराए गए मजदूरों में दिल्ली विजय नगर निवासी अनिल, बरेली निवासी वीरेंद्र, हमीरपुर के कछुआ कला निवासी प्रेमचंद्र और राठ क्षेत्र के बेगए गांव निवासी धर्मेंद्र शामिल हैं। सभी ने बताया कि उन्हें बंधक बनाकर उनसे बिना मजदूरी दिए अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जाता था।
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मजदूरों के अनुसार उनसे सुबह से देर रात तक खेतों और पशुबाड़ों में काम कराया जाता था। गोबर उठवाने, पशुओं को चारा डालने और खेती-बाड़ी के कामों में लगातार मेहनत कराई जाती थी। जरा सी गलती पर बेरहमी से पिटाई की जाती थी। भोजन के नाम पर उन्हें सिर्फ बासी रोटियां दी जाती थीं। चार लोगों के बीच मात्र सौ ग्राम दाल तक बांट दी जाती थी। कई बार केवल चटनी या सूखी रोटियों पर ही उन्हें दिन गुजारना पड़ता था। महीनों तक एक ही कपड़े में रहने को मजबूर किया जाता था।
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धर्मेंद्र ने बताया कि वह कुछ दिन पहले रास्ते से गुजर रहा था, तभी इन लोगों ने उसे बहाने से बाइक पर बैठाकर अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी भोले-भाले, भटके हुए या कमजोर लोगों को पहले भरोसे में लेते थे और फिर उन्हें गांव ले जाकर बंधक बना लेते थे। इसके बाद उनसे बिना मजदूरी के काम कराया जाता था और रात में उन्हें टिन शेड वाले कमरे में बंद कर दिया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में हरिहर और उसका बेटा अवधेश उर्फ बबलू मिलकर यह काम करते थे। आरोप है कि दोनों मिलकर मजदूरों को पकड़कर उन्हें विभिन्न जगहों पर काम पर लगाते थे।


फिलहाल हरिहर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका बेटा अवधेश उर्फ बबलू फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

लोगों में चर्चा है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि क्षेत्र के कई गांवों में ऐसा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि करीब दस गांवों में 20 से 25 लोग अभी भी बंधक बनाए गए हो सकते हैं। पुलिस अब इस एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है और बैंक खातों से लेकर संपर्कों तक की पड़ताल की जा रही है। कोतवाल हरिशंकर सिंह का कहना है कि आरोपी की तलाश में लगातार टीमें लगी हैं, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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