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Jalaun News: सेवा समाप्त होने वाले चिकित्सक का नाम ऑपरेशन टीम में शामिल
Wed, 26 Mar 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:29 AM IST
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उरई। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को फेको विधि से आंख के मरीज का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करने वाली टीम में वह संविदा चिकित्सक भी शामिल रहे, जिनकी मारपीट के आरोप में पिछले दिनों सेवा समाप्त की जा चुकी है। सेवा समाप्त वाले इस चिकित्सक का नाम ऑपरेशन वाली टीम में शामिल होने से मामला चर्चा का विषय रहा। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य इसको तकनीकी मामला बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि फेको मशीन की स्थापना से जनपद के मरीजों को बेहतर और सहज चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। फेको मशीन की स्थापना के पहले ही दिन तीन मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन नेत्र रोग विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन कुशवाहा के नेतृत्व में किया गया। सहायक आचार्य डॉ. नवीन सिरोही, डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला (एसआर) और विभाग में अध्ययनरत पीजी छात्र भी शामिल रहे।
बता दें कि 21 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट विकास सक्सेना ने आरोप लगाया था कि उनके मनमुताबिक दवाएं मेडिकल स्टोर में न रखने पर नेत्र रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला और ईएनटी के चिकित्सक डॉ. रतिभान ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट की। इस मामले में प्राचार्य ने उप प्राचार्य डॉ. आरएन कुशवाहा की अगुवाई में दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई थी। हालांकि, डॉ. रतिभान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मंगलवार को फेको मशीन की स्थापना को लेकर प्राचार्य की ओर से प्रेस नोट जारी किया गया। उसमें डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला का भी नाम था। जब प्राचार्य से उनकी सेवा समाप्ति के बारे में पूछा गया तो वह बोले, यह तकनीकी मामला है। ऑफिस आइए, तब बताते हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि फेको मशीन की स्थापना से जनपद के मरीजों को बेहतर और सहज चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। फेको मशीन की स्थापना के पहले ही दिन तीन मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन नेत्र रोग विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन कुशवाहा के नेतृत्व में किया गया। सहायक आचार्य डॉ. नवीन सिरोही, डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला (एसआर) और विभाग में अध्ययनरत पीजी छात्र भी शामिल रहे।
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बता दें कि 21 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट विकास सक्सेना ने आरोप लगाया था कि उनके मनमुताबिक दवाएं मेडिकल स्टोर में न रखने पर नेत्र रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला और ईएनटी के चिकित्सक डॉ. रतिभान ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट की। इस मामले में प्राचार्य ने उप प्राचार्य डॉ. आरएन कुशवाहा की अगुवाई में दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई थी। हालांकि, डॉ. रतिभान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मंगलवार को फेको मशीन की स्थापना को लेकर प्राचार्य की ओर से प्रेस नोट जारी किया गया। उसमें डॉ. सूर्यप्रकाश शुक्ला का भी नाम था। जब प्राचार्य से उनकी सेवा समाप्ति के बारे में पूछा गया तो वह बोले, यह तकनीकी मामला है। ऑफिस आइए, तब बताते हैं।