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बजट में मध्य वर्ग को मायूसी ही हाथ लगी
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:10 AM IST
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टीवी की दुकान पर बजट देखते लोग।
- फोटो : amar ujala
उन्हें उम्मीद थी कि इस बजट में उनके लिए भी कुछ न कुछ विशेष होगा, लेकिन सरकार ने न तो इस बार टैक्स स्लेब में बदलाव किया है और न ही इस वर्ग के लिए विशेष योजनाओं का तोहफा दिया है। खासतौर पर मध्यम वर्ग के लोग सुबह से ही बजट के लिए टीवी के सामने डटे नजर आए। देवेन्द्र गुप्ता कहना है कि पिछले बजट में सरकार ने मध्य वर्ग की आए बढ़ाने के लिए छूट सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख तक कर दी थी, मध्य वर्ग से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि सरकार इस छूट सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख करेगी, जिससे मध्य वर्ग के लोगों की बचत बढ़ सके।
महिपाल सिंह का कहना है कि भले ही सरकार ने बजट में हर वर्ग को संतुष्ठ करने की कोशिश की हो लेकिन मध्य वर्ग को बजट से कुछ नहीं मिला। मध्य वर्ग इस बजट में टैक्स स्लेब में बदलाव के साथ छूट की भी उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। इसके साथ ही बजट में कई घरेलू उपयोग की चीजों के दाम बढ़े हैं। इससे मध्य वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बजट में उपेक्षित रहने से मध्य वर्ग के लोगों में नाराजगी है।
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महिपाल सिंह का कहना है कि भले ही सरकार ने बजट में हर वर्ग को संतुष्ठ करने की कोशिश की हो लेकिन मध्य वर्ग को बजट से कुछ नहीं मिला। मध्य वर्ग इस बजट में टैक्स स्लेब में बदलाव के साथ छूट की भी उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। इसके साथ ही बजट में कई घरेलू उपयोग की चीजों के दाम बढ़े हैं। इससे मध्य वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बजट में उपेक्षित रहने से मध्य वर्ग के लोगों में नाराजगी है।
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