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चार माह में नहीं खुल सका आश्रय गृह का ताला
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उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बने आश्रय गृह के संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंप दी गई है। चार माह पहले नगर पालिका को चाबी मिलने के बाद भी अभी तक आश्रय गृह शुरू नहीं हो पाया है। नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारियों के हठ के आगे बेबस हैं। कर्मचारियों ने आश्रय गृह में ड्यूटी करने से इनकार कर दिया है।
शहर के मेडिकल कालेज परिसर में वर्ष 2020 में निर्माण निगम झांसी ने 3 करोड 28 लाख 70 हजार की लागत से आश्रय गृह का निर्माण कराया था। इसके संचालन की जिम्मेदारी डूडा विभाग को दी थी। डूडा विभाग ने इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका को देते हुए चाबी सौंपी थी।
नगर पालिका भी इसका संचालन अभी तक शुरु नहीं करा पाई है। बंद पड़ा आश्रय स्थल इस्तेमाल न होने से धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। जबकि राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों के साथ आने वाले उनके तीमारदारों को रुकने के लिए भी कोई जगह नहीं मिलती है।
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जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। नगरपालिका ईओ विमलापति का कहना है कि कर्मचारी वहां जाने से कतरा रहे हैं। जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती कर इसको शुरू कराया जाएगा।
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शहर के मेडिकल कालेज परिसर में वर्ष 2020 में निर्माण निगम झांसी ने 3 करोड 28 लाख 70 हजार की लागत से आश्रय गृह का निर्माण कराया था। इसके संचालन की जिम्मेदारी डूडा विभाग को दी थी। डूडा विभाग ने इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका को देते हुए चाबी सौंपी थी।
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नगर पालिका भी इसका संचालन अभी तक शुरु नहीं करा पाई है। बंद पड़ा आश्रय स्थल इस्तेमाल न होने से धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। जबकि राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों के साथ आने वाले उनके तीमारदारों को रुकने के लिए भी कोई जगह नहीं मिलती है।
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जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। नगरपालिका ईओ विमलापति का कहना है कि कर्मचारी वहां जाने से कतरा रहे हैं। जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती कर इसको शुरू कराया जाएगा।