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दूसरे दिन भी बंद रहा गैस लाईन डालने का कार्य
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कुठौंद (जालौन)। कुठौंद के गोरा राठौर गांव में बिना सूचना व बिना एग्रीमेंट किए जबरन किसानों के खेतों में डाली जा रही गैस पाइप लाइन का कार्य दूसरे दिन भी शुरू नहीं हो सका। हालांकि शनिवार को कंपनी के कर्मचारियों ने किसानों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी गई।
बता दें कि क्षेत्र में शुक्रवार को कुठौंद के गोरा राठौर गांव के किसानों ने क्षेत्र में डाली जा रही गैस पाइप लाइन का विरोध कर काम बंद करा दिया था, फिर मामले की शिकायत एसडीएम व जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी। काम बंद होने के बाद मौके पर पहुंचे गैस पाइप लाइन के अधिकारियों ने किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। विवाद के बीच शनिवार को भी किसानों ने काम शुरू नहीं करने दिया।
किसानों की मांग है कि पहले मुआवजा दिया जाए तब कार्य शुरू किया जाए। मामले को लेकर गैस कंपनी के अधिकारियों ने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस का कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के बिना कंपनी का कार्य शुरू नहीं करा सकते। वहीं किसानों का कहना है कि 1985 में गैस पाइप लाइन डलवाने का कार्य किया था, जिसमें भी मुआवजे की बात कही गई थी, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई।
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बता दें कि क्षेत्र में शुक्रवार को कुठौंद के गोरा राठौर गांव के किसानों ने क्षेत्र में डाली जा रही गैस पाइप लाइन का विरोध कर काम बंद करा दिया था, फिर मामले की शिकायत एसडीएम व जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी। काम बंद होने के बाद मौके पर पहुंचे गैस पाइप लाइन के अधिकारियों ने किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। विवाद के बीच शनिवार को भी किसानों ने काम शुरू नहीं करने दिया।
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किसानों की मांग है कि पहले मुआवजा दिया जाए तब कार्य शुरू किया जाए। मामले को लेकर गैस कंपनी के अधिकारियों ने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस का कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के बिना कंपनी का कार्य शुरू नहीं करा सकते। वहीं किसानों का कहना है कि 1985 में गैस पाइप लाइन डलवाने का कार्य किया था, जिसमें भी मुआवजे की बात कही गई थी, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं दी गई।
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