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किसान ने फांसी लगा कर जान देने का किया प्रयास
Thu, 17 Jan 2019 11:55 PM IST
अल्पना शर्मा
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: अल्पना शर्मा
Updated Thu, 17 Jan 2019 11:55 PM IST
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खेत पर चरी हुई फसल के बीच बैठा बाबूशाह।
- फोटो : amar ujala
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ब्लाक के मुहम्मदाबाद निवासी किसान बाबूशाह ने बटाई पर जमीन लेकर चार बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। बाबू के मुताबिक जमीन से होने वाला गेहूं परिवार के खाने और बचा हुआ बेचने के काम आता। लेकिन बुधवार को उसकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी। इस कारण वह खेतों की रखवाली करने के बजाए घर चला गया था और गुरुवार की सुबह लौटा तो देखा कि पूरा खेत अन्ना मवेशी चर गए हैं। उसके होश उड़ गए और उसे कुछ समझ नहीं आया तो वह हाथ में साफी लेकर पेड़ पर फंदा लगाने के लिए चढ़ गया
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और गले में फंदा डाल लिया लेकिन तभी खेतों में काम कर रहे किसानों ने देखा तो दौड़कर उसे बचाकर परिजनों को सूचना दी। किसानों का कहना है कि काफी समय से अन्ना से क्षेत्र के किसान प्रभावित हैं। पड़ोस में गांव के ही किसान भोले ने अपनी दो बीघा जमीन पर गेहूं बो रखा था। बाबू की तरह उसकी फसल को भी अन्ना मवेशियों ने मैदान में तब्दील कर दिया। भोले का कहना है कि जैसे-तैसे कर्ज लेकर फसल बोई थी, अब बच्चों को क्या खिलाएगा। कुछ समझ में नहीं आ रहा है। इतने दिनों की रातों की रखवाली भी व्यर्थ चली गई।
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गुस्साए किसानों ने की नारेबाजी
अन्ना मवेशियों से परेशान गांव के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि क्षेत्र के मुहाना में बन रही गोशाला अभी तक पूरी नहीं हुई है। जिस कारण मवेशी खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हैरत की बात तो ये है कि कोई अधिकारी किसानों का हाल तक जानने नहीं आ रहा है। बता दें कि मुहाना की गोशाला बीते तीन चार माह से तैयार हो रही है। जिसकी अनुमानित लागत करीब 25 से 30 लाख रुपये है और उसमें 300 मवेशियों की क्षमता है, लेकिन ठेकेदारों की हीलाहवाली के चलते 10 जनवरी बीतने के बाद भी गोशाला निर्माण कार्य तेज नहीं हो सका है। इससे भी किसानों में रोष बना हुआ है।
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