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कारोबार पर भी दिखने लगा नेट बंद होने का असर
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दिलीप सेठ
- फोटो : ORAI
उरई। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कानपुर समेत कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने का असर जिले के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है।
खासतौर पर सराफा और गल्ला मंडी पर अधिक असर दिख रहा है क्योंकि यह दोनों कारोबार रोजाना के रेट पर निर्भर हैं और यह रेट यहां के व्यापारी नेट पर ही देखा करते हैं। बैंकों का कामकाज भी प्रभावित है, चेकों का भुगतान भी कानपुर व लखनऊ में नेट काम न करने के कारण बेहद ही धीमी गति से हो रहा है। बैंकों में भी पूरे दिन लाइन लग रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि नेट की बंदी जल्द समाप्त न हुई तो कारोबार की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि इंटरनेट सेवा यहां बंद नहीं हुई है लेकिन बाधित जरूर हुई है। नेट की गति धीमी हो गई है। इंटरनेट से कपड़ों की डिजाइन व सैंपल मंगाने में जरूर दिक्कत आ रही है।
सराफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामकिशोर गुप्ता का कहना है कि सोने चांदी के भाव के लिए मोबाइल ही मिलाना पड़ता है। नेट से भाव नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा बैकिंग लेनदेन में भी परेशानी हो रही है।
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गल्ला व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी का कहना है कि यह तो गनीमत है कि मंडी में माल की आवक कम है, वर्ना बहुत ज्यादा ही परेशानी होती। बैंकिंग लेनदेन की समस्या जरूर बढ़ गई है। इसका निराकरण होना चाहिए।
प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री दिलीप सेठ का कहना है कि जीएसटी की आनलाइन बिलिंग में परेशानी हो रही है। जिससे कई बिल फंसे हुए हैं। पता नहीं कब नेट चालू होगा और आनलाइन बिलिंग की प्रक्रिया सामान्य हो सकेगी।
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खासतौर पर सराफा और गल्ला मंडी पर अधिक असर दिख रहा है क्योंकि यह दोनों कारोबार रोजाना के रेट पर निर्भर हैं और यह रेट यहां के व्यापारी नेट पर ही देखा करते हैं। बैंकों का कामकाज भी प्रभावित है, चेकों का भुगतान भी कानपुर व लखनऊ में नेट काम न करने के कारण बेहद ही धीमी गति से हो रहा है। बैंकों में भी पूरे दिन लाइन लग रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि नेट की बंदी जल्द समाप्त न हुई तो कारोबार की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि इंटरनेट सेवा यहां बंद नहीं हुई है लेकिन बाधित जरूर हुई है। नेट की गति धीमी हो गई है। इंटरनेट से कपड़ों की डिजाइन व सैंपल मंगाने में जरूर दिक्कत आ रही है।
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सराफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामकिशोर गुप्ता का कहना है कि सोने चांदी के भाव के लिए मोबाइल ही मिलाना पड़ता है। नेट से भाव नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा बैकिंग लेनदेन में भी परेशानी हो रही है।
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गल्ला व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी का कहना है कि यह तो गनीमत है कि मंडी में माल की आवक कम है, वर्ना बहुत ज्यादा ही परेशानी होती। बैंकिंग लेनदेन की समस्या जरूर बढ़ गई है। इसका निराकरण होना चाहिए।
प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री दिलीप सेठ का कहना है कि जीएसटी की आनलाइन बिलिंग में परेशानी हो रही है। जिससे कई बिल फंसे हुए हैं। पता नहीं कब नेट चालू होगा और आनलाइन बिलिंग की प्रक्रिया सामान्य हो सकेगी।

श्याम किशोर गुप्ता- फोटो : ORAI

प्रदीप महेश्वरी- फोटो : ORAI

मनोज गुप्ता- फोटो : ORAI