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शिक्षकों ने छठे दिन भी दिया धरना
अमर उजाला ब्यूूूराो
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:04 AM IST
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धरना पर बैठे शिक्षामित्र
- फोटो : अमर उजाला
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उरई। आदर्श समायोजित शिक्षक व शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में छठे दिन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना दिया गया। धरना सभा की अध्यक्षता जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने की। इसमें उन्होंने अपनी नौकरी को पुन: वापस दिलाए जाने की मांग की। इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडे को दिया।
धरना सभा को संबोधित करते हुए जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्र पिछले 17 वर्षों से लगातार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूरी ईमानदारी किया है। दो वर्षीय बीटीसी कराकर शिक्षक पदों पर 1.35 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया और उन सारी सुविधाओं का लाभ दिया जो एक सामान्य शिक्षक को मिलती है। इस फैसले पर शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए स्टे दिया। इससे शिक्षकों को काफी उम्मीदें जागी थी, लेकिन अब कोर्ट के फैसले से शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। धरना में माध्यमिक शिक्षक(चेतनारायण गुट) संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र इस फैसले से आहत है। इस मुसीबत की घड़ी में शिक्षक संघ उनके समर्थ में खड़ा है और उनकी जायज मांगों को अपना समर्थन जारी रखेगा। इसके बाद शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी बहाली की गुहार लगाई। इस मौके पर महेश प्रताप, महेन्द्र पाल, राधाकृष्ण, भानू प्रताप, काशी प्रसाद, प्रेम कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, स्वामीदीन, किरन मिश्रा, राजकुमारी, प्रमोद कुमार, नितिन पाल, धीरज दुबे, आशीष कुमार, सीमा सिंह, राधा यादव, गायत्री शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्र पिछले 17 वर्षों से लगातार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूरी ईमानदारी किया है। दो वर्षीय बीटीसी कराकर शिक्षक पदों पर 1.35 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया और उन सारी सुविधाओं का लाभ दिया जो एक सामान्य शिक्षक को मिलती है। इस फैसले पर शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए स्टे दिया। इससे शिक्षकों को काफी उम्मीदें जागी थी, लेकिन अब कोर्ट के फैसले से शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। धरना में माध्यमिक शिक्षक(चेतनारायण गुट) संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र इस फैसले से आहत है। इस मुसीबत की घड़ी में शिक्षक संघ उनके समर्थ में खड़ा है और उनकी जायज मांगों को अपना समर्थन जारी रखेगा। इसके बाद शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी बहाली की गुहार लगाई। इस मौके पर महेश प्रताप, महेन्द्र पाल, राधाकृष्ण, भानू प्रताप, काशी प्रसाद, प्रेम कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, स्वामीदीन, किरन मिश्रा, राजकुमारी, प्रमोद कुमार, नितिन पाल, धीरज दुबे, आशीष कुमार, सीमा सिंह, राधा यादव, गायत्री शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे।
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