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Jalaun News: युगांडा में खेलेगी जिले की स्वाति
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उरई। पैरा बैडमिंटन में देश के साथ दूसरे देश में खेलने के लिए दिव्यांग स्वाति सिंह का चयन हुआ। जिस पर डीएम ने उनको खेलकिट देकर सम्मानित किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं को निखारने और खेलों को बढ़ाने देने की बात कही।
एक जुलाई से सात जुलाई को युगांडा में पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें जिले की स्वाति सिंह का भी चयन हुआ है। इससे पहले उसने झारखंड में 20 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित स्टेट प्रतियोगिता में भाग लिया था। जिसमें अच्छा प्रदर्शन किया और छह वीं रैंक हासिल की। जिसके आधार पर इंटरनेशनल के लिए चयन हुआ। इस पर डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला खेल व विकास प्रोत्साहन समिति से बैडमिंटन किट उसको सम्मानित करते हुए दी। स्वाति सिंह ग्राम अमिटा गांव की निवासी है। उसके पिता कमलेश मजदूर हैं। वह कई सालों से स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रही थी। वर्तमान में वह शकुंतला देवी लखनऊ विश्वविद्यालय में अभ्यास करती है।
डीएम ने कहा कि ग्रामीण अंचल में कई प्रतिभावान खिलाड़ी होते हैं। लेकिन उनकी प्रतिभा छिपी रहती है, ऐसे में उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए ग्रामीण अंचल में भी खेल को लेकर यह प्रयास किया जा रहे हैं। इस उद्देश्य से क्रिकेट, वॉलीबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, क्रिकेट के साथ अन्य खेल प्रतियोगिताओं को ग्रामीण क्षेत्र में भी बढ़ावा दिया जा रहा है।इस दौरान क्रीड़ा अधिकारी सिराजुद्दीन मौजूद रहे।
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एक जुलाई से सात जुलाई को युगांडा में पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें जिले की स्वाति सिंह का भी चयन हुआ है। इससे पहले उसने झारखंड में 20 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित स्टेट प्रतियोगिता में भाग लिया था। जिसमें अच्छा प्रदर्शन किया और छह वीं रैंक हासिल की। जिसके आधार पर इंटरनेशनल के लिए चयन हुआ। इस पर डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला खेल व विकास प्रोत्साहन समिति से बैडमिंटन किट उसको सम्मानित करते हुए दी। स्वाति सिंह ग्राम अमिटा गांव की निवासी है। उसके पिता कमलेश मजदूर हैं। वह कई सालों से स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रही थी। वर्तमान में वह शकुंतला देवी लखनऊ विश्वविद्यालय में अभ्यास करती है।
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डीएम ने कहा कि ग्रामीण अंचल में कई प्रतिभावान खिलाड़ी होते हैं। लेकिन उनकी प्रतिभा छिपी रहती है, ऐसे में उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए ग्रामीण अंचल में भी खेल को लेकर यह प्रयास किया जा रहे हैं। इस उद्देश्य से क्रिकेट, वॉलीबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, क्रिकेट के साथ अन्य खेल प्रतियोगिताओं को ग्रामीण क्षेत्र में भी बढ़ावा दिया जा रहा है।इस दौरान क्रीड़ा अधिकारी सिराजुद्दीन मौजूद रहे।
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