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Jalaun News: 150 किमी की रफ्तार से दौड़ रही एक्सयूवी डंपर में घुसी, आग का गोला बनी कार, सीए जिंदा जले
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फोटो - 08 मृतक राजेश कुशवाहा की फाइल फोटो।
फोटो - 09 कार में लगी आग के बाद का दृश्य। पुलिस
फोटो - 10 आग के बाद जली कार। संवाद
- झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार देर रात ढाई बजे हादसा
- प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दरवाजा न खुलने से कार में फंसे रह गए
- परिवार झांसी में रहता है, रोज अप-डाउन करते थे, मचा कोहराम
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। कोतवाली क्षेत्र में झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार देर रात ढाई से तीन बजे के बीच भीषण सड़क हादसा हो गया। मौखरी होटल के पास ओवरब्रिज पर झांसी रही तेज रफ्तार लग्जरी कार (एक्सयूवी) आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों में कार आग के गोले में बदल गई। हादसे में कार चला रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त कार लगभग 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है।
इस दौरान हाईवे पर उठती लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोगों में खलबली मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद कार के अंदर से जला हुआ शव बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर लगने के बाद कार का दरवाजा नहीं खुल सका। कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर राख हो गई। हादसे के चलते कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी राजेश कुशवाहा (55) चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उनका कार्यालय उरई पुलिस क्लब के सामने है। राजेश की पत्नी स्वाति सिंह झांसी के आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। राजेश के साथ काम करने वाले जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह परिवार के साथ झांसी में रहते थे। रोज की तरह शुक्रवार रात करीब एक बजे वह काम निपटाकर अपनी कार से झांसी लौट रहे थे। राजेश की मौत से पत्नी स्वाति सिंह और दोनों बेटियां सौम्या व दिव्या बेहाल हैं। राजेश के बड़े भाई संजय सिंह ने बताया कि बड़ी बेटी सौम्या सोनीपत में लॉ कॉलेज में टीचर है जबकि छोटी बेटी दिव्या नोएडा में प्राइवेट जॉब के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रही है। दोनों बेटियां उरई के लिए सुबह ही निकल चुकी हैं।
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कार के शीशे टूट नहीं सके, सीट बेल्ट और लॉक मौत की बेड़ियां बने
प्रत्यक्षदर्शी बोले-बेबस हो मंजर को देखते रहे, आखिर में ढांचे के भीतर जिंदगी की लड़ाई हार चुका एक इंसान मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। हाईवे पर शुक्रवार देर रात हुआ हादसा रोंगटे खड़े कर देने वाला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे थी। जैसे ही कार हाईवे पर चढ़ी, सामने जा रहे डंपर से दूरी का अंदाजा नहीं लग सका और पल भर में टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से के परखचे उड़ गए। चिंगारी के साथ ही आग भड़क उठी। कुछ ही सेकेंड में पूरी कार लपटों में घिर गई। आससास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ पलों तक कार के भीतर जूझने जैसी हरकत दिखाई दे रही थी। अंदर से राजेश की छटपटाने की कोशिश…मानो जिंदगी आखिरी सांस तक दरवाजा खोलने की जद्दोजहद कर रही हो लेकिन दरवाजे जाम हो चुके थे।
शीशे टूट नहीं सके। सीट बेल्ट और लॉक जैसे मौत की बेड़ियां बन गए। आग तेजी से फैलती गई और कार देखते ही देखते आग का गोला बन गई। कुछ देर तक सब कुछ शांत हो गया। हाईवे पर खड़े लोग बेबस होकर उस मंजर को देखते रहे। न कोई पास जा सका न किसी के हाथ में कुछ कर पाने की ताकत थी। दमकल टीम के पहुंचने तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझने के बाद सिर्फ राख और कंकाल का ढांचा बचा था। ढांचे के भीतर जिंदगी की आखिरी लड़ाई हार चुका एक इंसान मिला।
घर पर उस रात इंतजार था-रोज की तरह लौटने का।
किसी को क्या पता था कि तेज रफ्तार से दौड़ती कार कुछ ही पलों में जिंदगी की रफ्तार हमेशा के लिए रोक देगी। 150 की रफ्तार, एक चूक और कुछ मिनटों की जद्दोजहद। हाईवे की उस रात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पीछे छोड़ गया सन्नाटा जो शायद कभी भर नहीं पाएगा। परिजनों ने बताया कि शरीर का पूरा हिस्सा जल गया था। जबकि पैरों के अवशेष रह गए थे।
वर्जन
प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार के कारण पीछे से डंपर में टक्कर लगने का प्रतीत होता है। जला वाहन हटवाकर मार्ग साफ करा दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।-राजीव कुमार शर्मा, सीओ सिटी
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फोटो - 09 कार में लगी आग के बाद का दृश्य। पुलिस
फोटो - 10 आग के बाद जली कार। संवाद
- झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार देर रात ढाई बजे हादसा
- प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दरवाजा न खुलने से कार में फंसे रह गए
- परिवार झांसी में रहता है, रोज अप-डाउन करते थे, मचा कोहराम
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। कोतवाली क्षेत्र में झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार देर रात ढाई से तीन बजे के बीच भीषण सड़क हादसा हो गया। मौखरी होटल के पास ओवरब्रिज पर झांसी रही तेज रफ्तार लग्जरी कार (एक्सयूवी) आगे चल रहे डंपर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों में कार आग के गोले में बदल गई। हादसे में कार चला रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त कार लगभग 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है।
इस दौरान हाईवे पर उठती लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोगों में खलबली मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद कार के अंदर से जला हुआ शव बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर लगने के बाद कार का दरवाजा नहीं खुल सका। कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर राख हो गई। हादसे के चलते कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी राजेश कुशवाहा (55) चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उनका कार्यालय उरई पुलिस क्लब के सामने है। राजेश की पत्नी स्वाति सिंह झांसी के आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। राजेश के साथ काम करने वाले जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह परिवार के साथ झांसी में रहते थे। रोज की तरह शुक्रवार रात करीब एक बजे वह काम निपटाकर अपनी कार से झांसी लौट रहे थे। राजेश की मौत से पत्नी स्वाति सिंह और दोनों बेटियां सौम्या व दिव्या बेहाल हैं। राजेश के बड़े भाई संजय सिंह ने बताया कि बड़ी बेटी सौम्या सोनीपत में लॉ कॉलेज में टीचर है जबकि छोटी बेटी दिव्या नोएडा में प्राइवेट जॉब के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रही है। दोनों बेटियां उरई के लिए सुबह ही निकल चुकी हैं।
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कार के शीशे टूट नहीं सके, सीट बेल्ट और लॉक मौत की बेड़ियां बने
प्रत्यक्षदर्शी बोले-बेबस हो मंजर को देखते रहे, आखिर में ढांचे के भीतर जिंदगी की लड़ाई हार चुका एक इंसान मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। हाईवे पर शुक्रवार देर रात हुआ हादसा रोंगटे खड़े कर देने वाला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे थी। जैसे ही कार हाईवे पर चढ़ी, सामने जा रहे डंपर से दूरी का अंदाजा नहीं लग सका और पल भर में टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से के परखचे उड़ गए। चिंगारी के साथ ही आग भड़क उठी। कुछ ही सेकेंड में पूरी कार लपटों में घिर गई। आससास मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ पलों तक कार के भीतर जूझने जैसी हरकत दिखाई दे रही थी। अंदर से राजेश की छटपटाने की कोशिश…मानो जिंदगी आखिरी सांस तक दरवाजा खोलने की जद्दोजहद कर रही हो लेकिन दरवाजे जाम हो चुके थे।
शीशे टूट नहीं सके। सीट बेल्ट और लॉक जैसे मौत की बेड़ियां बन गए। आग तेजी से फैलती गई और कार देखते ही देखते आग का गोला बन गई। कुछ देर तक सब कुछ शांत हो गया। हाईवे पर खड़े लोग बेबस होकर उस मंजर को देखते रहे। न कोई पास जा सका न किसी के हाथ में कुछ कर पाने की ताकत थी। दमकल टीम के पहुंचने तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझने के बाद सिर्फ राख और कंकाल का ढांचा बचा था। ढांचे के भीतर जिंदगी की आखिरी लड़ाई हार चुका एक इंसान मिला।
घर पर उस रात इंतजार था-रोज की तरह लौटने का।
किसी को क्या पता था कि तेज रफ्तार से दौड़ती कार कुछ ही पलों में जिंदगी की रफ्तार हमेशा के लिए रोक देगी। 150 की रफ्तार, एक चूक और कुछ मिनटों की जद्दोजहद। हाईवे की उस रात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पीछे छोड़ गया सन्नाटा जो शायद कभी भर नहीं पाएगा। परिजनों ने बताया कि शरीर का पूरा हिस्सा जल गया था। जबकि पैरों के अवशेष रह गए थे।
वर्जन
प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार के कारण पीछे से डंपर में टक्कर लगने का प्रतीत होता है। जला वाहन हटवाकर मार्ग साफ करा दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।-राजीव कुमार शर्मा, सीओ सिटी